आस्था : संत तुकाराम महाराज की 341वीं पालकी पंढरपुर की ओर प्रस्थान
देहू (पुणे)। जगदुरु संत तुकाराम महाराज का 341वां पालकी प्रस्थान समारोह मंगलवार को देहू नगरी में भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो रहा है। आषाढ़ी वारी के लिए संत तुकाराम महाराज की पालखी ने दोपहर 2.30 बजे पंढरपुर की दिशा में प्रस्थान किया। भोर से ही धार्मिक विधियों, पूजा और कीर्तन के कार्यक्रमों से देहू नगरी गूंज उठी थी।
राज्य के कोने-कोने से वारकरी बड़ी संख्या में देहू पहुंचने लगे थे। पूरे क्षेत्र में भक्त, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखने को मिल रहा है। भोर में पांच बजे संत तुकाराम महाराज के मुख्य मंदिर में पालकी समारोह प्रमुख और मंदिर के ट्रस्टियों के हाथों महापूजा की गई। इसके बाद सुबह साढ़े पांच बजे संत तुकाराम महाराज के पुत्र तपोनिधि नारायण महाराज की समाधि की महापूजा विधिवत संपन्न हुई। देहू से पंढरपुर तक पालकी समारोह को निरंतर जारी रखने में नारायण महाराज का बड़ा योगदान माना जाता है। इसी कारण उनकी समाधि स्थल पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह 9 से 11 बजे तक संत तुकाराम महाराज के ननिहाल इनामदार वाड़ा में पादुकाओं की महापूजा की गई। इसके बाद सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सप्ताह कालय का कीर्तन किया गया। अभंग, हरिनाम और कीर्तन से पूरी देहू नगरी भक्त रस में डूब गई। प्रस्थान समारोह से पहले ही वारकरियों की बड़ी संख्या में भीड़ जुटने लगी थी। ताल-मृदंग की गूंज और ‘ज्ञानोबा-तुकोबा’ के जयघोष से देहू नगरी गूंज उठी। इस वर्ष पालकी समारोह के अवसर पर संत तुकाराम महाराज के मुख्य मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाने के कारण यह श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है। मंदिर में दर्शन के लिए वारकरियों की कतारें लगी हैं और प्रशासन ने दर्शन एवं पालकी समारोह की व्यवस्था सुचारु रूप से की है।
इंद्रायणी नदी में स्नान पर रोक
इस वर्ष की वारी पर मूसलाधार बारिश का असर दिखाई दे रहा है। देहू की पवित्र इंद्रायणी नदी में बाढ़ आ गई है। नदी ने खतरे का स्तर पार कर लिया है। इसलिए हर वर्ष की तरह इस बार वारकरियों को इंद्रायणी नदी में स्नान करने की अनुमति नहीं दी गई है। वारकरियों की सुरक्षा के मद्देनजर नदी किनारे पुलिस का बड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया है और किसी को भी नदी के पात्र या नदी किनारे जाने की अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवकों द्वारा वारकरियों से लगातार सुरक्षा संबंधी अपील की जा रही है। इंद्रायणी नदी में बढ़े हुए जलस्तर के कारण कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए विशेष सावधानी बरती गई है। वारकरियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन कर सहयोग करने की अपील की गई है।













