नई दिल्ली। अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज शापूर जादरान का अपने 39वें जन्मदिन से एक दिन पहले निधन हो गया। वह एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी ‘हीमोफैगोसाइटिक लिम्पोहिस्टियोसाइटोसिस’ (एचएलएच) से पीड़ित थे और उनका यहां के अस्पताल में इलाज चल रहा था। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जादरान ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 एकदिवसीय और 36 टी20 मैच खेले। एचएलएच एक ‘हाइपर-इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम’ है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है। मंगलवार को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने उनके निधन की घोषणा की। एसीबी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘बहुत दुख और अफसोस के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड अफगानिस्तान क्रिकेट के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान के निधन पर शोक व्यक्त करता है।’
एसीबी ने कहा कि लंबे-कद के गेंदबाज जादरान अफगानिस्तान की कई यादगार जीतों का हिस्सा रहे और ‘अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे’। ‘उनके समर्पण, जुनून और अटूट प्रतिबद्धता ने हमारे देश में खेल के उत्थान और विकास में अहम भूमिका निभाई।’ इलाज के दौरान कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी, राशिद खान और मोहम्मद नबी सहित अफगानिस्तान टीम के कई सदस्यों ने अस्पताल में उनसे मुलाकात की थी। जादरान 2015 के एकदिवसीय विश्व कप में अफगानिस्तान के सबसे सफल गेंदबाज थे। उन्होंने 10 विकेट लिए थे।
जादरान ने अगस्त 2009 में नीदरलैंड के खिलाफ एकदिवसीय पदार्पण करते हुए 24 रन पर चार विकेट चटकाकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने अफगानिस्तान के लिए 44 मैचों में 43 विकेट लिए। जादरान ने 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 37 विकेट लिए जिसमें जून 2018 में देहरादून में बांग्लादेश के खिलाफ 40 रन पर तीन विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उन्होंने नौ प्रथम श्रेणी मैच भी खेले जिसमें 17 विकेट लिए।
जादरान ने 56 लिस्ट ए मुकाबलों में 57 जबकि 83 टी20 मुकाबलों में 90 विकेट चटकाए। एसीबी ने कहा, ‘वह उन क्रिकेटरों में से एक थे जो अफगानिस्तान के शुरुआती क्रिकेट सफर का अहम हिस्सा रहे और उन्होंने उस रास्ते को बनाने में मदद की जिसने अफगान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।’ एसीबी ने कहा कि जादरान ना केवल अफगानिस्तान में बल्कि दुनिया भर के कई युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा के स्रोत थे। एसीबी ने लिखा, ‘अपने पूरे करियर के दौरान शापूर ने सम्मान, साहस और गर्व के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट की सेवा की। उनका योगदान और उपलब्धियां हमेशा अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का अहम हिस्सा रहेंगी और राष्ट्रीय टीम की सेवा में उनके प्रयासों को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैदान पर अपनी उपलब्धियों के अलावा शापूर जादरान कई युवा अफगान क्रिकेटरों और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा के सच्चे स्रोत थे।’
एसीबी ने कहा, ‘उनके लड़ने के जज्बे, दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति प्यार ने कई लोगों को उम्मीद दी और एक पीढ़ी को बड़े सपने देखने और अफगानिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनकी कमी बहुत खलेगी और उनकी यादें हमेशा अफगानिस्तान के लोगों और क्रिकेट की दुनिया के दिलों में जिंदा रहेंगी।’ जादरान पिछले दशक में अफगानिस्तान की गेंदबाजी के मुख्य स्तंभों में से एक थे जब टीम ने छोटे प्रारूप में लगातार प्रगति की। लंबे बालों और आक्रामक अंदाज वाले छह फीट दो इंच लंबे इस गेंदबाज ने अफगानिस्तान के गेंदबाजी क्रम को एक अलग पहचान दी।












