सिदोअर्जो, इंडोनेशिया। इंडोनेशिया में अल खोजिनी इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल की ध्वस्त इमारत के मलबे से शुक्रवार तड़के तीन और छात्रों के शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 50 छात्र अभी भी लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पिछले सोमवार को हुई इस दुर्घटना के बाद बचाव दल हाथों से मलबा हटाते रहे, यह उम्मीद करते हुए कि छात्रों को जीवित बचाया जा सके। लेकिन गुरुवार तक किसी के जीवित मिलने का कोई संकेत न मिलने पर, उन्होंने भारी उत्खनन मशीनों का उपयोग कर मलबा हटाना तेज कर दिया।
इस हादसे के समय सैकड़ों छात्र प्रार्थना कक्ष में मौजूद थे। बचे लोगों ने बताया कि अधिकतर छात्र कक्षा 7 से 12 तक के लड़के थे, जिनकी उम्र 12 से 19 वर्ष के बीच थी। छात्राएं इमारत के दूसरे हिस्से में प्रार्थना कर रही थीं और वे बाल-बाल बच गईं।
अधिकारियों ने अब तक 8 छात्रों की मौत और लगभग 105 घायल होने की पुष्टि की है, जिनमें कई के सिर में चोटें और हड्डियां टूट गई हैं। 55 छात्र अभी भी लापता हैं।
इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी के प्रमुख सुहार्यंतो ने बताया कि शुक्रवार को दो शव प्रार्थना कक्ष में और एक निकासी द्वार के पास मिले। ऐसा प्रतीत होता है कि भागने के क्रम में वह मलबे की चपेट में आ गया।
पुलिस ने बताया कि इमारत मूल रूप से दो मंजिला थी, लेकिन बिना अनुमति के इसके ऊपर दो और मंजिलें बनाई जा रही थीं। पुरानी नींव कंक्रीट की अतिरिक्त मंजिलों का भार सहन नहीं कर सकी और इमारत ढह गई।
अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्त इमारत और अवैध निर्माण इस हादसे की मुख्य वजह थे। बचाव कार्य अभी भी जारी है, और राहत दल लापता छात्रों को खोजने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।








