लोकवाहिनी संवाददाता:चंद्रपुर। ब्रह्मपुरी वन विभाग के अंतर्गत आने वाले सिंदेवाही वन परिक्षेत्र के डोंगरगांव बीट क्षेत्र में एक खेत के खुले कुएं में गिरने से बाघ की मौत होने की घटना सामने आई है। रविवार को इस घटना का खुलासा होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि बाघ की मौत लगभग तीन दिन पहले हुई थी।
यह घटना चारगांव बगडे-हजारीचक मार्ग स्थित किसान पांडुरंग गजभिये के खेत में हुई। रविवार सुबह जब किसान अपने खेत पहुंचे तो उन्हें आसपास तेज दुर्गंध महसूस हुई। संदेह होने पर उन्होंने कुएं में झांककर देखा, जहां एक बाघ का शव पानी में तैरता दिखाई दिया।
घटना की सूचना तुरंत सिंदेवाही वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वनरक्षक सचिन चौधरी मौके पर पहुंचे। इसके बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजली सायंकार, क्षेत्र सहायक नितिन गडपायले, ममता गायकवाड, ऋषी जावडे, राहुल धनविजय सहित वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। उपवन संरक्षक कुमारस्वामी, सहायक वन संरक्षक महेश गायकवाड, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि बंधू धोतरे तथा वन्यजीव विशेषज्ञ यश कायरकर की मौजूदगी में पंचनामा किया गया। इसके बाद पशुधन विकास अधिकारी डॉ. सुरपाम ने बाघ का पोस्टमार्टम किया। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई गई है कि बाघ खुले कुएं में गिर गया और बाहर नहीं निकल पाने के कारण उसकी मौत डूबने से हो गई। अधिकारियों का अनुमान है कि यह घटना लगभग तीन दिन पहले हुई होगी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।













