छिंदवाड़ा। कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छिंदवाड़ा जिले में कथित तौर पर जहरीले कफ सिरप के सेवन से 14 बच्चों की मौत के मामले में राज्य स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को बर्खास्त करने की सोमवार को मांग की। पटवारी ने मृतकों के परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि केवल एक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है।
मध्यप्रदेश सरकार ने ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप की बिक्री पर तुरंत प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, दवा के नमूनों में अत्यधिक जहरीला पदार्थ डायथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है। मृत बच्चों में 11 परासिया उपमंडल, दो छिंदवाड़ा शहर और एक चौरई तहसील का था। इसके अलावा बैतूल जिले में भी दो बच्चों की मौत कफ सिरप पीने के कारण हुई।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि छिंदवाड़ा के डॉ. प्रवीण सोनी को लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने दावा किया कि इस जहरीले कफ सिरप से कुल 16 मौतें हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति दिखाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री, औषधि नियंत्रक, प्रमुख सचिव और स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त को बर्खास्त किया जाए।
तमिलनाडु औषधि नियंत्रण अधिकारियों की रिपोर्ट में, मई 2025 में निर्मित और अप्रैल 2027 तक की समाप्ति वाली कोल्ड्रिफ सिरप (बैच नंबर SR-13) को मिलावटी बताया गया है। इसमें 48.6 प्रतिशत डायथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया, जिससे यह बच्चों के लिए घातक साबित हुई। रिपोर्ट के बाद मध्यप्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्यभर में सिरप की बिक्री और वितरण पर रोक लगाते हुए भंडार जब्त करने के निर्देश दिए और अन्य उत्पादों को जांच लंबित रहने तक बिक्री सूची से हटा दिया।
मध्यप्रदेश में हुई संदिग्ध गुर्दा संक्रमण से मौतों के साथ-साथ राजस्थान में कम से कम तीन बच्चों की इसी तरह की मौतों की खबरों के बाद तमिलनाडु सरकार ने भी तीन अक्टूबर को कोल्ड्रिफ पर प्रतिबंध लगा दिया। मध्यप्रदेश पुलिस ने बच्चों की मौत की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, ताकि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।








