सुरक्षा : दशहरा-धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर भीड़ की निगरानी एआई कैमरे से, पुलिस बल तैनात
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। दीक्षाभूमि की सुरक्षा के लिए 10 पुलिस उपायुक्त, 3 सहायक पुलिस आयुक्त, 20 पुलिस निरीक्षक और 40 पुलिस उप-निरीक्षकों सहित कुल 90 अधिकारी तथा 600 पुलिसकर्मियों और राज्य आरक्षित बल को एक टुकड़ी तैनात की जाएगी। इसके अलावा, शहर में 1500 होम गार्ड, 10 पुलिस उपायुक्त, 12 सहायक पुलिस आयुक्त, 70 पुलिस निरीक्षक, 40 सहायक पुलिस निरीक्षक, उप-निरीक्षक, हवलदार और अमलदार तथा राज्य आरक्षित बल की तीन कंपनियां तैनात हैं। साथ ही, त्वरित प्रतिक्रिया बल (क्यूआरटी) और दंगा नियंत्रण पुलिस दल (आरसीपी) को भी क्षेत्र में तैनात किया जाएगा।
शहर में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस और विजयादशमी दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर शहर में भारी भीड़ उमड़ती है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। दीक्षाभूमि में धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस समारोह, विजयादशमी उत्सव और रावण दहन के साथ-साथ, शहर में भीड़ में मौजूद अपराधियों की पहचान के लिए सीसीटीवी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से ड्रोन के माध्यम से शहर में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। सीसीटीवी में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे भीड़ में घूम रहे चोरों और लुटेरों की पहचान करना आसान हो जाएगा। धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस का मुख्य समारोह मंगलवार को दीक्षाभूमि में आयोजित किया जाएगा। पुलिस ने लक्ष्मी नगर चौक, बजाज नगर चौक, काछीपुरा और माताकचेरी चौक के पास दीक्षाभूमि की ओर जाने वाली सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं। इसके अलावा, दीक्षाभूमि क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है। यह सुनिश्चित करने का पूरा ध्यान रखा गया है कि कोई भी कोना छूट न जाए। क्षेत्र में होने वाली सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाएगा।
इस वर्ष धम्मचक्र प्रवर्तन के लिए पंद्रह सौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। दीक्षाभूमि में धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस के मुख्य समारोह में भारी भीड़ उमड़ सकती है। पुलिस ने इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त योजना बनाई है। दीक्षाभूमि की ओर जाने वाले चारों मोड़ों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अंदर भीड़ कम होने तक बाहर की भीड़ को रोका जाएगा। इसके अलावा, कामठी स्थित ड्रैगन पैलेस में भी लगभग साढ़े चार सौ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। संविधान चौक पर भी 100 अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
शहर में 64 स्थानों पर रावण का दहन
विजयादशमी अवसर पर शहर में 64 स्थानों पर रावण का दहन किया जाएगा, जिनमें से सबसे अधिक रावण वाड़ी और पारडी में चार-चार स्थानों पर दहन होंगे। इनमें से रावण दहन कार्यक्रम मुख्य रूप से कस्तूरचंद पार्क, तिरंगा चौक, नंदनवन, दर्शन कॉलोनी, राजबक्शा, चोपड़ा लॉन, मनीषनगर, मानेवाड़ा, रेशिमबाग और अन्य स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सुबह विजयादशमी उत्सव और एक नुक्कड़ जुलूस का आयोजन करेगा। साथ ही, शहर में 835 सार्वजनिक दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और 90 स्थानों पर घाट विसर्जन की व्यवस्था भी की गई है।
अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की कमी, दबाव बढ़ने पर अन्य स्थानों से संसाधन बुलाने की नौबत
नागपुर। उपराजधानी में धम्मचक्र प्रवर्तन दिन, विजयादशमी, दुर्गा विसर्जन और अन्य आयोजनों के चलते अग्निशमन विभाग पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। विभिन्न आयोजनों में दमकल वाहनों और कर्मचारियों की तैनाती के कारण शहर में आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों पर असर पड़ने की आशंका है। पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे विभाग को बंदोबस्त के लिए अन्य स्थानों से दमकल वाहन और कर्मचारी बुलाना पड़ रहे हैं। धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के लिए तीन दमकल वाहनों के साथ तीन अधिकारियों और 36 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा पूर्व उपराष्ट्रपति की सुरक्षा, आरएसएस के दशहरा उत्सव और अन्य आयोजनों के लिए भी अग्निशमन विभाग को संसाधन उपलब्ध कराने पड़ रहे हैं। सीमित कर्मचारियों और संसाधनों के बीच शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
मनपा के अग्निशमन विभाग में 114 स्थायी, 96 अस्थायी और अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति पर आए 50 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बावजूद शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ आपात स्थितियों से निपटने के लिए संसाधनों की उपलब्धता को लेकर दबाव बना हुआ है। बंदोबस्त की जरूरत पूरी करने के लिए मिहान, एमआईडीसी, बहादुरा और बेसा नगर पंचायतों से भी दमकल वाहन तथा कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को आमंत्रित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत उनके काफिले के साथ एक अग्निशमन वाहन तैनात किया जाना है। इसके अलावा 22 अक्टूबर तक लोकभवन में भी एक दमकल वाहन स्टैंडबाय पर रखा गया है। इससे विभाग के संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।














