चेन्नई। तमिलनाडु के करूर जिले में अभिनेता-नेता थलपथी विजय की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए भगदड़ पीड़ित परिवारों के खातों में 20-20 लाख रुपये की राहत राशि ट्रांसफर की है। यह कदम उस भयावह घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें 27 सितंबर को विजय की जनसभा के दौरान भगदड़ मचने से 41 लोगों की जान चली गई और 60 से अधिक घायल हुए थे।
टीवीके ने शनिवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि कुल 39 परिवारों को यह राशि भेजी गई है, जो मिलाकर करीब 7.8 करोड़ रुपये होती है। पार्टी ने बताया कि सहायता राशि सीधे पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में जमा कर दी गई है, ताकि किसी तरह की देरी न हो।
टीवीके के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि विजय खुद पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्होंने यह प्राथमिकता दी कि राहत राशि पहले पहुँचे। अधिकारी ने कहा कि बाकी बचे प्रभावित परिवारों को भी शीघ्र ही सहायता दी जाएगी।
करूर की रहने वाली सेल्वरानी, जिन्होंने हादसे में अपनी बेटी को खो दिया, ने कहा, “टीवीके सदस्यों ने मेरे खाते का विवरण लिया था और आज राशि जमा हो गई है। हमें इस कठिन समय में सच्चे सहारे की उम्मीद नहीं थी।”
इससे पहले तमिलनाडु सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने की घोषणा की थी। टीवीके की ओर से अतिरिक्त 20 लाख रुपये मिलने के बाद अब कुल सहायता राशि 30 लाख रुपये प्रति परिवार तक पहुँच गई है।
विजय ने एक पत्र जारी कर कहा, “करूर में हुई यह असहनीय त्रासदी हम सभी के दिल को तोड़ गई है। हमने वादा किया था कि हर परिवार तक मदद पहुँचाई जाएगी — और हमने यह वादा निभाया है। हम आगे भी शिक्षा, रोजगार और पुनर्वास में हर संभव सहायता करेंगे।” उन्होंने कहा कि सरकारी अनुमति मिलते ही वे व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।
हादसे की जांच को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने पहले आईजीपी आसरा गर्ग की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल गठित करने का आदेश दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है।
इस बीच, टीवीके ने अपने कार्यकर्ताओं से इस वर्ष दीपावली न मनाने की अपील की है। पार्टी के प्रचार सह-सचिव लोयोला मणि ने बताया कि यह निर्णय विजय की सलाह पर लिया गया है ताकि दिवंगत आत्माओं के प्रति सम्मान और संवेदना प्रकट की जा सके। हालांकि इस पर कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन कार्यकर्ताओं से आग्रह किया गया है कि वे उत्सव के बजाय शोक का भाव प्रदर्शित करें।
हादसे के कुछ दिन बाद टीवीके द्वारा आयुध पूजा मनाने पर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी, लेकिन अब विजय के इस कदम ने उस आलोचना को पीछे छोड़ते हुए संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल कायम की है। विजय का यह मानवीय रुख न सिर्फ उनके प्रशंसकों बल्कि पूरे राज्य में सराहा जा रहा है।











