नई दिल्ली | दिल्ली के वीवीआईपी इलाके बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थित ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट में शनिवार दोपहर भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह वही परिसर है, जहां लोकसभा और राज्यसभा के कई सांसदों को आवास आवंटित हैं। अपार्टमेंट राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के ठीक सामने स्थित है। हालांकि बड़ी राहत यह रही कि किसी सांसद या परिवार की जान नहीं गई, लेकिन कई कर्मचारियों के परिवारों के घर जलकर राख हो गए और दो बच्चियां झुलस गईं।
पार्किंग एरिया से उठीं लपटें, कुछ ही मिनटों में फैल गई आग
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1:10 बजे आग लगने की सूचना मिली। दमकल विभाग ने तुरंत मौके पर 14 फायर टेंडर भेजे और करीब 2:10 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया।
आग भूतल की खुली पार्किंग में रखे फर्नीचर और लकड़ी के घरेलू सामान में लगी, जो देखते ही देखते ऊपर की मंजिलों तक फैल गई।
एक अधिकारी ने बताया, “हवा के तेज़ बहाव और धूप की गर्मी ने आग को भीषण रूप दे दिया। लपटें बाहर से ऊपर की मंज़िलों तक पहुंचीं और खंभों व बाहरी दीवारों को नुकसान हुआ।”
पटाखों से शुरू हुई आग, गैस पाइपलाइन ने बढ़ाया खतरा
स्थानीय निवासियों ने बताया कि हादसे से पहले कुछ बच्चे पुराने सोफों और फर्नीचर के पास पटाखे फोड़ रहे थे, जिससे आग भड़क गई।
कई लोगों ने आरोप लगाया कि पार्किंग क्षेत्र में लंबे समय से ज्वलनशील सामग्री, लकड़ी और पॉलिशिंग मटेरियल का ढेर पड़ा था, जिसकी शिकायत सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) से कई बार की गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
एक निवासी ने बताया, “यह पार्किंग गोदाम की तरह इस्तेमाल की जा रही थी। हम पानी लेकर दौड़े, लेकिन हाइड्रेंट में सप्लाई नहीं थी। अग्निशमन यंत्र काम नहीं कर रहे थे।”
दमकल पर देर से पहुंचने के आरोप, लेकिन विभाग ने किया खंडन
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि दमकल विभाग लगभग एक घंटे देर से पहुंचा, जबकि अग्निशमन सेवा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
अधिकारियों ने कहा, “हमें दोपहर 1:22 बजे सूचना मिली और 1:40 बजे तक कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। हमारी 14 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और 2:10 बजे तक आग पूरी तरह बुझा दी गई।”
पहली तीन मंजिलें सहायकों के क्वार्टर, सांसदों के फ्लैट सुरक्षित
अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि अपार्टमेंट की पहली तीन मंजिलों पर सांसदों के सहायकों के क्वार्टर हैं, जबकि ऊपरी मंजिलों पर सांसदों के लिए फ्लैट आवंटित हैं।
जिस ब्लॉक में आग लगी, उसमें 22 सांसदों के फ्लैट हैं, लेकिन आग मुख्यतः पार्किंग और पहली मंजिल तक सीमित रही।
पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) देवेश महला ने बताया, “आग खुली पार्किंग में फर्नीचर से लगी और ऊपर की ओर फैल गई। किसी सांसद के आवास को सीधा नुकसान नहीं हुआ, हालांकि कुछ लोग मामूली झुलसे हैं।”
“सब कुछ जल गया… अब नए सिरे से शुरुआत करनी होगी”
आग में सबसे ज्यादा नुकसान पहली मंजिल पर रहने वाले सहायकों और कर्मचारियों के परिवारों को हुआ है।
उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद नरेश बंसल के निजी सहायक कमल गहतोड़ी ने बताया, “हमारा सारा सामान, दस्तावेज़, गहने, कपड़े और जरूरी चीजें सब जल गईं। अब सिर्फ तन पर कपड़े बचे हैं। हमें फिर से शुरुआत करनी होगी।”
कमल ने बताया कि उनका रसोइया काम पर गया था, जबकि उसकी पत्नी, दो बच्चे और बुज़ुर्ग मां घर में थे। “पटाखे जलते देख रसोइए की पत्नी नीचे गई थी, लौटकर आई तो आग फैल चुकी थी। किसी तरह उसने अपने परिवार को बाहर निकाला।”
“धनतेरस पर सब कुछ खो दिया” — निवासियों का दर्द
निवासी कमल वाल्मीकि ने बताया, “आज धनतेरस है और लोग त्योहार की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब 20 से ज़्यादा परिवार अपना सब कुछ खो चुके हैं।”
उन्होंने कहा कि सीपीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। “हमने बार-बार कहा था कि ज्वलनशील फर्नीचर हटा दिया जाए, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।”
एक अन्य निवासी पूर्णिमा ने कहा, “यह सांसदों का आवासीय क्षेत्र है। यहां सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए थी। हम मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हैं कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास मुहैया कराया जाए।”
जांच जारी, सरकारी रखरखाव पर उठे गंभीर सवाल
दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग ने आग के सटीक कारणों की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल माना जा रहा है कि पटाखों से निकली चिंगारी ने पार्किंग में रखे फर्नीचर को जला दिया, जिससे आग ने पूरे ब्लॉक को अपनी चपेट में ले लिया।
निवासियों ने सरकारी आवासीय भवनों के रखरखाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कहा कि “अगर सुरक्षा मानक पूरे होते, तो यह आग टाली जा सकती थी।”








