पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने शनिवार को राज्य में निवेश, शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार को “नंबर एक” बनाने के लिए यही आवश्यक कदम हैं।
खगड़िया में आयोजित जनसभा में तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, “हमारे ‘चाचा’ अब बूढ़े हो गए हैं और बिहार का नेतृत्व करने में सक्षम नहीं हैं। उन्हें मोदी जी और अमित शाह ने ‘हाइजैक’ कर लिया है।”
उन्होंने अपने चुनावी विज़न का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर “हर घर को सरकारी नौकरी देने” का कानून लाया जाएगा और 20 महीनों के भीतर नौकरियां पूरी कर दी जाएंगी। साथ ही महिलाओं को सालाना 30,000 रुपए दिए जाएंगे, जो वर्तमान राजग सरकार के 10,000 रुपए कर्ज़ से अलग होंगे। तेजस्वी ने कहा कि वह बेरोजगार डिग्रीधारकों की पीड़ा को समझते हैं और निवेश आकर्षित करके बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे।
वहीं पटना में राजग नेताओं ने तेजस्वी के 20 महीने वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे “सिर्फ चुनावी जुमला” करार दिया और दावा किया कि राजग के नेतृत्व में महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीबों के उत्थान में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि “40 साल कांग्रेस और 15 साल लालू राज ने बिहार को पिछड़ा रखा, लेकिन राजग की सरकार ने इसे विकास की मुख्यधारा में लाया है। जनता अब काम के आधार पर वोट करती है, वादों और अफवाहों पर नहीं।”
जद(यू) मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राजद शासन के दौरान विकास दर घटकर 2.5 प्रतिशत रह गई थी, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में इसे 10.4 प्रतिशत तक बढ़ाया गया।
भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने तेजस्वी और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, “बिहार की जनता अब भ्रष्टाचार, परिवारवाद और अपराध की राजनीति को पहचान चुकी है। जनता ऐसे चेहरों को दोबारा मौका नहीं देने वाली।”











