अमरावती। महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी की मांग एक बार फिर उग्र हो गई है। प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और पूर्व विधायक बच्चू कडू के नेतृत्व में किसानों ने सोमवार को अमरावती के चंदुरबाजार से नागपुर तक विशाल ट्रैक्टर मार्च की शुरुआत की। किसानों का कहना है कि सरकार ने कई बार राहत देने का वादा किया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी नाराजगी के चलते अब उन्होंने सड़कों पर उतरने का फैसला किया है।

मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों का जत्था सोमवार रात वर्धा में रुकेगा और मंगलवार को नागपुर पहुंचेगा, जहां सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन होना तय है। बच्चू कडू ने आंदोलन शुरू होने से पहले पत्रकारों को बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय से देवेंद्र फडणवीस, राजस्व मंत्री और 38 विभागों के सचिवों के साथ बैठक के लिए बुलावा मिला है, लेकिन वे अपने समर्थकों से चर्चा के बाद ही निर्णय लेंगे कि बैठक में भाग लेना है या नहीं।
कडू का कहना है कि सिर्फ बातचीत का भरोसा इस बार आंदोलन खत्म कराने के लिए पर्याप्त नहीं है। सरकार से स्पष्ट, लिखित और लागू होने वाली घोषणा की मांग करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक किसानों की पूर्ण कर्जमाफी पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलनकारी नागपुर नहीं छोड़ेंगे।
गौरतलब है कि इसी साल जून में बच्चू कडू ने तेओसा तालुका के गुरुकुंज मोजारी में 7 दिन की भूख हड़ताल की थी, जिसके बाद सरकार ने कर्जमाफी और दिव्यांग कल्याण जैसी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन किसानों को अब भी राहत न मिलने से उनकी नाराजगी चरम पर है।
किसान संगठनों ने 28 अक्टूबर को नागपुर में “महा एल्गार आंदोलन” का ऐलान किया है। ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर “चलो नागपुर” के नारे के साथ राजधानी की ओर बढ़ रहे हैं। किसानों का साफ कहना है — जब तक कर्जमाफी नहीं, तब तक वापसी नहीं।










