नागपुर महानगरपालिका में स्वीकृत सदस्य चयन प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. नितीन राऊत ने इस प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई है और स्थानीय स्तर पर भेदभाव के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि मनपा आयुक्त द्वारा पूर्व में निर्धारित कोटे के अनुसार आवेदन प्रक्रिया तय की गई थी, लेकिन अंतिम समय में नियमों का पालन नहीं किया गया। राऊत के अनुसार, उनके समर्थक उम्मीदवार को अवसर नहीं दिया गया, जबकि विरोधी पक्ष के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दलित समाज के प्रतिनिधियों को जानबूझकर हाशिए पर रखा जा रहा है। इस घटना को उन्होंने केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक अपमान बताया और पार्टी नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस छोड़ने के बारे में कोई बयान नहीं दे रहे हैं, लेकिन यह जरूर कहा कि यदि ऐसे हालात बने रहते हैं तो पार्टी को गंभीर निर्णय लेना चाहिए।
इस पूरे मामले ने नागपुर की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और पार्टी के अंदरूनी मतभेद भी सामने आने लगे हैं। अब इस मामले पर प्रदेश नेतृत्व के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना पुराने विवाद का परिणाम बताई जा रही है। लगभग दस से बारह लोगों के समूह ने मिलकर युवक पर धारदार हथियार, लकड़ी के डंडे और ईंटों से हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद युवक सिद्धेश्वर रोड तक पहुँचने में सफल रहा, लेकिन वहीं गिर पड़ा और उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ दिन पहले मृतक का आरोपियों से विवाद हुआ था, जिसमें मारपीट की घटना भी हुई थी। उसी रंजिश के चलते यह हमला किया गया।
इस घटना में मृतक का एक मित्र भी घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्यारह आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनमें सभी के अल्पवयस्क होने की पुष्टि हुई है।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी जारी है।








