नागपुर, संवाददाता:महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के भीतर जारी उठापटक के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटील ने हाल ही में शरद पवार को निशाना बनाते हुए कहा था कि ‘अब उनकी राष्ट्रवादी खत्म हो चुकी है’। इस वक्तव्य पर पूर्व गृहमंत्री और राष्ट्रवादी नेता अनिल देशमुख ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
अनिल देशमुख ने कहा, ‘राधाकृष्ण विखे पाटील को शरद पवार पर सवाल उठाने का हक ही नहीं है। सत्ता और पद के लिए उन्होंने नैतिकता, सिद्धांत और निष्ठा को ताक पर रखकर भाजपा का दामन थाम लिया। शरद पवार की राष्ट्रवादी की ताकत क्या है, यह लोकसभा चुनाव में नीलेश लंके ने साबित कर दिया है। विखे पाटील पहले अपनी राजनीतिक हैसियत पहचानें, फिर ‘साहब’ पर टिप्पणी करें।’
भाजपा पर परिवारवाद का आरोप
नगराध्यक्ष चुनावों में भाजपा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए देशमुख ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी बड़ा दल होते हुए भी बाहर से योग्य उम्मीदवार नहीं ढूंढ पा रही है क्या? कई जगह भाजपा के बड़े नेताओं ने अपने रिश्तेदारों को टिकट दिया है। ऐसा लगता है कि उन्हें बाहरी उम्मीदवार मिल ही नहीं रहे।’
उन्होंने कहा कि कई नगरपालिकाओं में भाजपा नेताओं ने अपने घर के लोगों को टिकट देकर परिवारवाद को बढ़ावा दिया है।











