सात महीनों की बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया
उत्पादन कम, लागत का बोझ भारी – किसान चिंतित
नाशिक जिले के दिंडोरी तालुका के वणी क्षेत्र में आखिरकार इस साल की अंगूर की फसल की कटाई शुरू हो गई है। लगातार सात महीनों तक हो रहे मूसलाधार बारिश के कारण इस वर्ष किसानों को अंगूर की फसल बचाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी। प्रतिकूल मौसम की वजह से इस साल लगभग केवल 30 प्रतिशत उत्पादन ही मिल पाया, जबकि बाकी 70 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई।
अंगूर उत्पादन करने वाले स्थानीय किसान कारभारी कड ने बताया कि इस साल फसल पर आने वाला नुकसान इतना अधिक है कि अंगूर की खेती में हुए खर्च को भी निकाल पाना मुश्किल होगा। किसानों का कहना है कि इतनी मेहनत के बावजूद उत्पादन में भारी कमी और खराब मौसम ने उनके लिए चिंता का सबब पैदा कर दिया है।
स्थानीय स्तर पर कृषि अधिकारी भी किसानों की परेशानी को लेकर गंभीर हैं और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाव के लिए सलाह दे रहे हैं। अंगूर किसानों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल होता तो इस क्षेत्र में अंगूर की खेती काफी लाभदायक होती।
इस स्थिति से पता चलता है कि मौसम की अनिश्चितताओं के बीच कृषि में जोखिम कितना बड़ा है। किसान इस साल नुकसान से उबरने के लिए इंतजार कर रहे हैं और आशा कर रहे हैं कि अगले साल मौसम अनुकूल रहेगा और उत्पादन बेहतर होगा।









