लोकवाहिनी, संवाददाता इंफाल। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सोमवार की सुबह सिलसिलेवार हुए तीन शक्तिशाली आईईडी विस्फोटों ने राज्य में कायम नाजुक शांति को एक बार फिर खतरे में डाल दिया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पहला विस्फोट सुबह करीब 5:40 बजे, दूसरा 5:54 बजे और तीसरा धमाका सुबह 8:45 बजे हुआ।
इन धमाकों की गूंज ने लोगों को दहशत में डाल दिया। इन धमाकों की गूंज इतनी तेज थी कि लोग अपने बिस्तरों से उछल पड़े और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। घाटी और पहाड़ियों के बीच जारी तनाव के बीच हुए इन आईईडी ब्लास्ट ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। यह घटना फौगाकचाओ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सटन-नगनकोन इलाके में हुई, जो वर्तमान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सुरक्षा घेरे में है।
सुरक्षा सूत्रों का मानना है कि अज्ञात हथियारबंद उपद्रवियों ने उन खाली घरों को निशाना बनाया, जिनके मालिक मौजूदा जातीय संकट के कारण विस्थापित होकर राहत शिविरों में रह रहे हैं। जांच में पता चला है कि उपद्रवियों ने न केवल विस्फोट किए, बल्कि कुछ घरों में आग लगाने की भी कोशिश की।
राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल लगातार इंटेलिजेंस आधारित अभियान चला रहे हैं। इसी कड़ी में एक व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें मणिपुर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों से हथियारों और विस्फोटकों का भारी जखीरा बरामद किया गया। 1 जनवरी को सुरक्षा बलों ने थौबल बांध पुलिस स्टेशन के पास मोगलहाम गांव में 27 देसी बमों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। (पेज 6 पर)








