संक्रांति पर सुरक्षित सफर का संदेश,:समाज की पहल, नागरिकों की सुरक्षा
नाशिक जिले के येवला शहर में मकर संक्रांति के अवसर पर नायलॉन मांजा से होने वाले हादसों को रोकने के उद्देश्य से एक सराहनीय सामाजिक पहल की गई। तेजतारा वेल्फेयर फाउंडेशन की ओर से दोपहिया वाहन चालकों को निःशुल्क सेफ्टी स्टिक का वितरण किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क पर सफर करने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
मकर संक्रांति के दौरान पतंग उड़ाने की परंपरा के चलते नायलॉन मांजा का उपयोग बढ़ जाता है। यह नायलॉन मांजा बेहद खतरनाक साबित होती है, जिससे हर साल कई लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं और कुछ मामलों में जान तक चली जाती है। खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों, डिलीवरी बॉय और रोज़ाना यात्रा करने वाले नागरिकों को इसका अधिक खतरा रहता है।
इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए तेजतारा वेल्फेयर फाउंडेशन ने यह सामाजिक उपक्रम शुरू किया। इस दौरान दोपहिया वाहनों पर लगाए जाने वाले सेफ्टी स्टिक के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। यह सेफ्टी स्टिक नायलॉन मांजा के संपर्क में आते ही उसे काट देती है, जिससे चालक की गर्दन और शरीर को गंभीर चोट से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन के सदस्यों ने नागरिकों से अपील की कि वे नायलॉन मांजा का उपयोग न करें और पारंपरिक सूती मांजा का ही प्रयोग करें। साथ ही, बच्चों और युवाओं को भी सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने का संदेश दिया गया।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि समाज में सुरक्षा को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी। तेजतारा वेल्फेयर फाउंडेशन का यह उपक्रम संक्रांति के दौरान समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया है।








