अमरावती:महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री यशोमती ठाकूर ने भाजपा में शामिल हुए अशोक चव्हाण पर जोरदार हमला बोला है। यशोमती ठाकूर ने कहा कि पार्टी बदलने के बाद अशोक चव्हाण की सोच और संस्कृति पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की राजनीति में उन्होंने अपने मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता कर लिया है।
यशोमती ठाकूर ने कहा कि एक समय था जब अशोक चव्हाण को “आदर्श चव्हाण” कहा जाता था, लेकिन आज वही नेता मतदाताओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले बयान दे रहे हैं। उन्होंने अशोक चव्हाण के हालिया “मटन-पूर्ति” वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा मतदाताओं का अपमान है। ठाकूर ने स्पष्ट कहा कि जनता की कीमत इस तरह के बयानों से आंकना लोकतंत्र और जनभावनाओं दोनों का अपमान है, जिसका कांग्रेस कड़ा विरोध करती है।
कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि घोटालों के चलते जब अशोक चव्हाण की राजनीतिक साख कमजोर हुई, तब वे भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि सत्ता बचाने और राजनीतिक संरक्षण पाने के लिए उन्होंने पार्टी बदली। यशोमती ठाकूर ने यह भी कहा कि अशोक चव्हाण अपने पिता की छवि और विरासत तक को भूल गए हैं। कांग्रेस में रहते हुए वे कभी इस तरह की बयानबाज़ी नहीं करते थे।
यशोमती ठाकूर ने दावा किया कि कांग्रेस की राजनीति विचारधारा और मूल्यों पर आधारित है, जबकि भाजपा में शामिल होने के बाद नेताओं की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। उन्होंने कहा कि नियत बदली, इसलिए पार्टी बदली— यही आज की सच्चाई है। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है।








