लोकवाहिनी, संवाददाता मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोमवार को महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत पर सवाल उठाते हुए विमान दुर्घटना में साजिश की आशंका जताई। संजय राउत ने कहा कि पूर्व महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा भाजपा के कथित घोटाले से जुड़ी एक फाइल होने का दावा करने के कुछ ही दिनों बाद एक हादसे में मारे गए। उन्होंने घटनाक्रम को रहस्यमयी बताते हुए मौत पर सवाल खड़े किए।
दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने यह भी दावा किया कि अजित पवार ने भाजपा से नाता तोड़ने और अपने चाचा व शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) में लौटने का फैसला कर लिया था। अजित पवार लगातार कह रहे थे कि उनके पास भाजपा के घोटाले की फाइल है और वे इसका खुलासा करेंगे। 15 जनवरी को उन्होंने यह बात कही और अगले दस दिनों में एक दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। यह रहस्यमयी है। बता दें कि अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में विमान हादसे में मौत हो गई थी।
आपको बताते चलें कि नगर निकाय चुनाव प्रचार के दौरान अजित पवार ने दावा किया था कि 1995 से 1999 के बीच राज्य में सत्ता में रही भाजपा और अविभाजित शिवसेना के दौर के कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी एक फाइल उनके पास है। राउत ने कहा, “जिस दिन अजित पवार ने भाजपा घोटाले की फाइल होने की बात कही, उसी दिन से मुझे शक था। इसका मतलब था कि अजित दादा ने भाजपा से दूरी बनाने का मन बना लिया था और वे फिर से शरद पवार के साथ लौटना चाहते थे।”
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद राउत ने यह भी कहा कि भले ही शरद पवार ने साफ कर दिया है कि अजित पवार की मौत एक दुर्घटना थी और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन समय के साथ वे भी समझेंगे कि मामला उतना सरल नहीं है। राउत ने सवाल उठाते हुए कहा, “अजित पवार जिस निजी विमान में बैठते हैं उसमें कोई अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं होता, न उनके साथ ओएसडी (OSD) होता है, न मेंटेनेंस सर्टिफिकेट।” उन्होंने दावा किया कि अजित पवार का अपने मूल घर लौटना भाजपा के लिए बड़ी हार होती और यह देश की राजनीति में निर्णायक मोड़ साबित होता। राउत ने यह भी कहा कि अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अब भाजपा की जागीर बनकर रह गई है।
इससे पहले, एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने भी इसी तरह के संदेह व्यक्त किए थे, जिसमें उन्होंने अचानक पायलट परिवर्तन, विमान के मार्ग में बदलाव और घटनास्थल से बरामद शवों की स्थिति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, “एक भी कागज नहीं जला, लेकिन शव जले हुए थे। इससे संदेह पैदा होता है।” मिटकरी ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से सीबीआई (CBI) जांच शुरू करने का आग्रह किया है और उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप की भी मांग करेंगे।
राजनीतिक तूफान के बावजूद, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने सभी से इस त्रासदी का राजनीतिकरण न करने की अपील की और जोर देकर कहा कि यह घटना एक हादसा थी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने 28 जनवरी को बारामती में विमान के उतरने के प्रयास के दौरान अजित पवार, उनके सुरक्षा अधिकारी, एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो पायलटों की जान लेने वाली इस घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।









