सैकड़ों परिवारों की रोज़ी-रोटी प्रभावित, व्यापारियों में भारी आक्रोश
प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त को ज्ञापन सौंप कर स्थायी समाधान की मांग की
नगरसेवकों ने दी चेतावनी , आंदोलन तेज होने की संभावना
नागपुर:नागपुर शहर के ऐतिहासिक छापरूनगर मुर्गा बाजार को अचानक बंद करने के बाद सियासी माहौल गरम हो गया है। लकड़गंज जोन के अंतर्गत आने वाले इस बाजार में सैकड़ों परिवारों की रोज़ी-रोटी प्रभावित हुई है। बाजार के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने बिना पूर्व सूचना कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
प्रभाग 8 के नगरसेवक वसीम खान, सिराज अहमद और नगरसेविका सैयद मुस्कान के नेतृत्व में ‘अल्पसंख्यक नागपुर मुर्गा बाजार एसोसिएशन’ के प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर महानगरपालिका के आयुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह बाजार पिछले 100 वर्षों से चल रहा है और यह सिर्फ नागपुर शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों की आजीविका से जुड़ा है। अचानक बंद करने से कमाने-खाने वाले लोगों के सामने बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है। प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगों में स्थायी समाधान तक वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था, बुधवार बाजार क्षेत्र में पर्याप्त जगह देना और प्रभावित व्यापारियों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना शामिल है। नगरसेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्दी समाधान नहीं निकालेगा तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस मुद्दे को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरी नाराज़गी है। बाजार बंद होने से छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और आसपास के किसानों पर भी असर पड़ा है। प्रशासन अब इस मामले में किस तरह का कदम उठाता है, यह देखा जाना बाकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला केवल बाजार बंद होने का नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका और आर्थिक सुरक्षा का भी है।








