दरभंगा। बिहार विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महागठबंधन पर करारा हमला बोलते हुए इसे ‘ठगबंधन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव अपने बेटे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं और सोनिया गांधी अपने बेटे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठाने का सपना देख रही हैं, लेकिन देश और बिहार की यह दोनों कुर्सियां फिलहाल खाली नहीं हैं। दरभंगा के अलीनगर में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शाह ने दावा किया कि पिछले चुनाव में जिले की 10 में से 9 सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास आई थीं और इस बार जनता सभी 10 सीटें एनडीए की झोली में डालेगी। उन्होंने लोकप्रिय लोक कलाकार और भाजपा प्रत्याशी मैथिली ठाकुर की जीत को भी लगभग तय बताया और कहा कि मिथिला के लोगों का समर्थन उन्हें मिल रहा है।
सभा में शाह ने कहा कि मैथिली भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा एनडीए सरकार ने दिया, संविधान को मैथिली में उपलब्ध कराया गया और मिथिला की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक माता सीता के पुनौराधाम में भव्य मंदिर निर्माणाधीन है, साथ ही जहां-जहां माता सीता गईं उन सभी स्थानों को राम सर्किट से जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रवाद के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस और राजद को घेरते हुए कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर साबित किया लेकिन कांग्रेस और राजद तब भी इसका विरोध करते रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अगर राजद की सरकार आई तो वह PFI के लोगों को जेल में रहने देगी? राजग किसी कीमत पर उन्हें बाहर नहीं आने देगा।
अमित शाह ने विकास कार्यों की लंबी सूची गिनाते हुए कहा कि दरभंगा में जल्द ही मेट्रो रेल सेवा शुरू होगी, एनडीए सरकार ने यहां एयरपोर्ट बनवाया है और एम्स का निर्माण तेजी से जारी है। उन्होंने बताया कि बिहार में 8.52 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी और मखाना बोर्ड का गठन ये सभी केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार की उपलब्धियां हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं को आगे लाने में विश्वास रखते हैं लेकिन राजद और कांग्रेस केवल परिवार को आगे बढ़ाना जानते हैं। इसी क्रम में उन्होंने चारा घोटाले और भूमि-के-बदले-नौकरी जैसे मामलों में लालू प्रसाद पर लगे आरोपों को याद दिलाया और कांग्रेस पर 12 लाख करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप भी दागे।
सभा के अंत में शाह ने घोषणा की कि मिथिला में 500 करोड़ रुपये की लागत से एक विशेष केंद्र स्थापित किया जाएगा जहां देशभर की पांडुलिपियों और प्राचीन दस्तावेजों का संरक्षण होगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ठगबंधन की राजनीति को नकारें और बिहार को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए को दोबारा मौका दें।









