लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम के नेतृत्व में रविवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ एक भव्य रैली का आयोजन किया गया, जिसका आयोजन भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा और बहुजन क्रांति मोर्चा ने संयुक्त रूप से किया था।
भारत मुक्ति मोर्चा का 45वां राष्ट्रीय सम्मेलन और भारत मुक्ति मोर्चा का 15वां राष्ट्रीय सम्मेलन 26 दिसंबर को ओडिशा के कटक स्थित बाली यात्रा मैदान में आयोजित होना था। सम्मेलन के लिए सरकार और प्रशासन से प्रारंभिक अनुमति मिलने के बाद मंचों और अन्य सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। देश भर से सैकड़ों कार्यकर्ता कटक पहुँच चुके थे। हालाँकि, स्थानीय प्रशासन द्वारा समय रहते अनुमति रद्द किए जाने के कारण सम्मेलन आयोजित नहीं हो सका।
मेश्राम ने आरोप लगाया कि यह निर्णय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के दबाव में लिया गया है। यह कृत्य भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और इसी कृत्य के विरोध में यह मार्च निकाला गया है। दोपहर 12 बजे इंदोरा मैदान से मार्च शुरू हुआ। इसी दौरान, आरएसएस के खिलाफ नारे लगाते हुए मार्च संविधान चौक पहुँचा। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन मुक्ति पार्टी, भारतीय बेरोजगार युवा संगठन, राष्ट्रीय भीम सेना, भारतीय छात्र संघ आदि के हजारों कार्यकर्ताओं ने इस मार्च में भाग लिया।
संविधान चौक पर आयोजित मुख्य सभा के मंच पर वामन मेश्राम, नानाभाऊ पाटिल, नितिन मेश्राम, श्रीधर साळवे, सिद्धार्थ मौर्य, संदीप मानकर आदि उपस्थित थे। मोर्चे को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय सहित स्मृति भवन में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी। एहतियात के तौर पर भारी संख्या में एसआरपीएफ (SRPF) और पुलिस बल तैनात किया गया था।











