हैदराबाद। तेलुगु फिल्म उद्योग के सुपरस्टार चिरंजीवी ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया और अदालत ने अंतरिम आदेश में कई संस्थाओं को उनके नाम, तस्वीर और आवाज का व्यावसायिक उपयोग करने से रोक दिया।
चिरंजीवी ने शहर की दीवानी अदालत में याचिका दायर कर डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म, कपड़ा कंपनियों और अन्य 30 से अधिक प्रतिवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि उनके नाम, उपनाम, आवाज, छवि और उनसे जुड़ी अन्य पहचान का किसी भी प्रकार से व्यावसायिक या निजी लाभ के लिए उपयोग उनके अनुमति के बिना न किया जाए।
अदालत ने यह माना कि चिरंजीवी सिर्फ तेलुगु ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के एक प्रमुख चेहरा हैं। अदालत ने नोट किया कि अभिनेता का नाम और उनके उपनाम जैसे ‘मेगास्टार’, ‘चिरंजीवी’, ‘बॉस’, ‘अन्नैया’, ‘चिरु’ और ‘मेगास्टार चिरु’ उनके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं। इसके साथ ही उनकी आवाज, तस्वीर और अन्य पहचान योग्य गुण भी उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा हैं।
अदालत ने कहा, ‘‘यह उनकी खास पहचान है और आम जनता में अच्छी तरह से पहचानी जाती है।’’ पिछले महीने दिए गए अंतरिम आदेश में प्रतिवादियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चिरंजीवी के व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों का उल्लंघन करने से रोक दिया गया था।
चिरंजीवी के वकील ने अदालत को बताया कि प्रतिवादी उनकी तस्वीरें, फिल्मों की झलकियां और उपनाम जैसे ‘मेगास्टार’, ‘गैंग लीडर’ का उपयोग टी-शर्ट, दीवार पोस्टर जैसी वस्तुओं पर कर रहे हैं और बिना अनुमति इन उत्पादों को ऑनलाइन पोर्टल और दुकानों पर बेच रहे हैं।
मामले की अगली सुनवाई अब 27 अक्टूबर को होगी।








