पुणे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘स्वराज्य’ की स्थापना में छत्रपति शिवाजी महाराज के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यदि वह नहीं होते, तो इतिहास अलग होता। फडणवीस ने पुणे जिले के शिवनेरी किले में मराठी योद्धा की 396वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के किले विरासत स्थल हैं और अब दुनिया इस तथ्य को मान्यता देती है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे एवं अजीत पवार ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें पुणे स्थित शिवनेरी किले में श्रद्धांजलि दी। मराठा साम्राज्य के संस्थापक शिवाजी महाराज का जन्म 1630 में पुणे जिले के शिवनेरी में हुआ था। छत्रपति शिवाजी महाराज के जयंती समारोह में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग किले में एकत्रित हुए।
फडणवीस ने इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि छत्रपति शिवाजी महाराज का आशीर्वाद एवं प्रेरणा राज्य के लोगों का मार्गदर्शन करती रहेगी। उन्होंने कहा, “अगर छत्रपति शिवाजी महाराज न होते तो इतिहास बहुत अलग होता। महाराज ने 18 अलग-अलग जातियों के मावला (पैदल सैनिकों) को एकजुट किया और एक सेना बनाई, जिसके परिणामस्वरूप स्वराज्य की स्थापना हुई।”











