लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते विदर्भ में भी मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह विदर्भ के अधिकांश जिलों में छिटपुट बारिश, गरज, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। 12 जून से वर्षा क्षेत्र में वृद्धि होने की उम्मीद है और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
नागपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा सोमवार को जारी मौसम रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को विदर्भ के कुछ छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हुई। हालांकि, तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई। मौसम विभाग ने बताया कि विदर्भ में अधिकतम और न्यूनतम तापमान औसत से अधिक रहा। क्षेत्रीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 8 से 12 जून के बीच नागपुर, वर्धा, गोंदिया, गढ़चिरोली, अकोला, यवतमाल, अमरावती आदि जिलों में एक या दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। मौसम में आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है। वहीं, चंद्रपुर जिले में अगले तीन दिनों के लिए लू की चेतावनी जारी की गई है। जिले के कुछ हिस्सों में 8, 9 और 10 जून को लू चलने की संभावना है। इसलिए, मौसम विभाग ने कहा है कि नागरिकों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए, पर्याप्त पानी पीना चाहिए और लू से बचाव के लिए आवश्यक उपाय करने चाहिए। 12 जून से स्थिति में बदलाव की संभावना है। नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, अमरावती, अकोला, बुलढाणा और गढ़चिरोली सहित कई जिलों में वर्षा क्षेत्र बढ़ सकता है और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के कुछ अन्य हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और अगले तीन से चार दिनों में राज्य के बाकी हिस्सों में भी फैलने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि मानसून की इस आगे की गति से विदर्भ में मानसून के शीघ्र आगमन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
नागपुर में मानसून से पहले की बारिश, मिली राहत
सोमवार को मानसून से पहले हुई बारिश ने नागपुर के लोगों को कुछ राहत दी, जो पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी का सामना कर रहे थे। दोपहर में शहर के विभिन्न हिस्सों में बादल घने हो गए और हल्की से मध्यम बारिश हुई। अचानक हुई बारिश से वातावरण में ठंडक बढ़ गई है और तापमान में भी गिरावट आई है। कई दिनों से असहनीय गर्मी और उमस से जूझ रहे नागरिकों ने बारिश का स्वागत किया। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया।
विदर्भ में आसमान से बरस रही आग
जून का महीना शुरू होने के बावजूद नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में मानसून पूर्व की फुहारों के बजाय सूरज की तपिश और भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। जून का पहला हफ्ता बीतने को है मगर आसमान में बादलों का नामोनिशान नहीं है। रोहिणी नक्षत्र पूरी तरह सूखा बीतने के बाद अब किसानों की सारी उम्मीदें मृग नक्षत्र पर टिकी थीं, लेकिन मौसम की बेरुखी के कारण किसान चिंतित हो चुके हैं। कृषि विशेषज्ञों ने भी सलाह दी है कि बुआई के लिए सिर्फ पहली फुहार या हल्की बारिश काफी नहीं होती। जब तक इलाके में कम से कम 80 से 100 मिलीमीटर संतोषजनक बारिश न हो जाए और जमीन में कम से कम 6 से 7 इंच गहरी नमी न पहुंच जाए, तब तक खेतों में बीज बिल्कुल न डालें। कम नमी वाली सूखी जमीन पर जल्दबाजी में बुआई करने से महंगे बीज जमीन के अंदर ही जलकर खाक हो जाते हैं, जिससे किसानों पर दोबारा बुआई का भारी आर्थिक संकट आ टूटता है।













