महाराष्ट्र एटीएस को मिली सफलता
लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। पुणे के हडपसर इलाके के कामधेनु एस्टेट में स्थित उषाकिरण अस्पताल के प्रवेश द्वार के सामने बुधवार शाम को बम जैसी वस्तु मिलने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। पूरे शहर में सनसनी मचाने वाले संदिग्ध को गिरफ्तार करने में महाराष्ट्र एटीएस (आतंकवाद रोधी दस्ता) ने सफलता हासिल की है। नागपुर स्टेशन पर घात लगाकर बैठी एटीएस टीम ने बड़ी सफाई से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस), दमकल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। इस घटना से इलाके में कुछ देर के लिए दहशत और तनाव का माहौल छा गया। अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास संदिग्ध वस्तु देखकर नागरिकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत इलाके को सील कर नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनोज पाटिल ने जायजा लिया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समय रहते बम को निष्क्रिय कर दिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस मामले की जांच के लिए एटीएस और आईबी (खुफिया ब्यूरो) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को तैनात किया गया था। इस संवेदनशील मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने इलाके में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्ध गतिविधियों को लेकर 15 से 18 लोगों से गहन पूछताछ भी की गई। अंततः तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी का चेहरा सामने आया और नागपुर में उसकी लोकेशन का पता लगाया गया। आरोपी ने नागपुर एटीएस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
प्लेटफॉर्म नं. 6 पर कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्ध का नाम शिवाजी राठौड़ है। संदिग्ध आजाद हिंद एक्सप्रेस से यात्रा कर रहा था। जब ट्रेन नागपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नं. 6 पर पहुंची, तो पहले से तैयार एटीएस टीम ने उसे घेर लिया और ट्रेन से उतरते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी को नागपुर एटीएस कार्यालय लाया गया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध पुणे के मंजरी इलाके का रहने वाला है और घटना के बाद से फरार था। उसकी उम्र करीब 28-29 साल है। जांच के दौरान उसकी दुकान से आईईडी में इस्तेमाल किए गए टाइमर का खाली डिब्बा बरामद हुआ है।











