नई दिल्ली। नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में मंगलवार को मोदी कैबिनेट की पहली बैठक हुई। इस बैठक में केंद्रीय कैबिनेट ने कई बड़े फैसले लिए। कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “हमने ऐसे भारत का सपना देखा, जो सोच में सुनहरी हो और स्वरूप जिसका आधुनिक हो। इस परिसर में लिया गया हर निर्णय ‘नागरिक देवो भव’ की भावना से लिया जाएगा।”
कैबिनेट ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा रेलवे के कई प्रोजेक्ट, श्रीनगर में नए एकीकृत हवाई अड्डा टर्मिनल, अहमदाबाद मेट्रो सहित 8 बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए 1, 2 और 3 की सरकार ने अभूतपूर्व काम किया है। आज कैबिनेट ने जो महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, उनमें पहला है केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करना, गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाइन को डबल करना, घिदरिया से झारखंड में पाडल तक तीसरी और चौथी लाइन और श्रीनगर में एक नया इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल, अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार और कच्चे जूट का एमएसपी… आज ‘सेवा तीर्थ’ में पहली बैठक में 12,236 करोड़ रुपये के फैसले और दो बड़े पॉलिसी फैसले और प्रस्ताव लिए गए हैं।
कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की कुल लागत 12,236 करोड़ रुपये बताई गई है। मालूम हो कि केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को आज केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिली है। लेकिन इस प्रस्ताव को 24 जून 2024 को केरल विधानसभा ने पारित किया था। केरल सरकार ने भारत सरकार से संविधान की प्रथम अनुसूची में संशोधन करने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘केरल’ से ‘केरलम’ नाम परिवर्तन को मंजूरी दे दी है।
‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित इस पहली बैठक के साथ, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपने संकल्प को दोहराया कि यहां लिए गए प्रत्येक निर्णय 1.4 अरब नागरिकों के प्रति सेवा की भावना से प्रेरित होंगे और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़े होंगे। इसमें उल्लेख किया गया कि संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति हैं जो शासन को प्रत्येक नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है। ‘सेवा तीर्थ’ की कार्य संस्कृति इसी भावना से प्रेरित होगी, जहां प्रत्येक नीति संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के अनुरूप होगी और प्रत्येक निर्णय जनता की आकांक्षाओं के प्रति जवाबदेह होगा।












