कटक अधिवेशन रद्द करने पर प्रशासन के खिलाफ आरोप
जातिवार जनगणना और बैलेट पेपर से चुनाव की मांग
नागपुर:भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा, राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा और बहुजन क्रांती मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में 22 फरवरी 2026 को नागपुर में विशाल महामोर्चा आयोजित किया जाएगा। यह मोर्चा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय तक ले जाया जाएगा। इसकी जानकारी एक पत्रकार परिषद में दी गई।
पत्रकार परिषद की अध्यक्षता भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम ने की। उन्होंने कहा कि यह महामोर्चा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के उद्देश्य से निकाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि 26 से 30 दिसंबर 2025 के बीच ओडिशा के कटक में BAMCEF का 45वां और भारत मुक्ति मोर्चा का 15वां राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाना था। सभी प्रशासनिक अनुमति मिलने के बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा अनुमति रद्द किए जाने का आरोप लगाया गया। आयोजकों का कहना है कि यह कदम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(अ) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मूल अधिकारों का उल्लंघन है। इसी के विरोध में चार चरणों में आंदोलन की घोषणा की गई है। चौथे चरण में 22 फरवरी को नागपुर में संघ मुख्यालय तक महामोर्चा निकाला जाएगा।
मोर्चा इंदौरा चौक, नागपुर से शुरू होकर महाल स्थित संघ मुख्यालय पर समाप्त होगा। आयोजकों का दावा है कि देशभर की सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक संस्थाएं, किसान और असंगठित मजदूर संगठन इसमें भाग लेंगे। मुख्य मांगों में कटक अधिवेशन की पुनः अनुमति, ओबीसी सहित सभी जातियों की जातिवार जनगणना, सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, अधिवेशन खर्च की भरपाई और ओडिशा सरकार पर अनुच्छेद 356 के तहत कार्रवाई शामिल हैं। मोर्चे का नेतृत्व वामन मेश्राम और सह-नेतृत्व चौधरी विकास पटेल करेंगे।











