मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 23 जिलों में अत्यधिक बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए 3,258 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है। राज्य के राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटिल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में सरकार ने विभिन्न प्रस्तावों के माध्यम से कुल 5,364 करोड़ रुपये की राहत राशि स्वीकृत की है, जिससे बारिश और बाढ़ से नुकसान झेलने वाले किसानों को तुरंत मदद मिल सके।
मंत्री ने कहा कि इस राहत राशि के तहत अब 33.65 लाख प्रभावित किसानों को सीधे वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, इसी हफ्ते 21.66 लाख किसानों के लिए पहले ही 1,356.30 करोड़ रुपये की मदद मंजूर की जा चुकी थी। अक्टूबर की शुरुआत में ही सरकार ने किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपये का व्यापक राहत पैकेज घोषित किया था, जिसमें प्रति हेक्टेयर 48,000 रुपये की सहायता देने का प्रावधान था।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में हुई भारी बारिश और बाढ़ से लगभग 68.69 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई थीं, खासकर मराठवाड़ा और आसपास के जिलों में। राज्य सरकार ने कहा कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत राशि वितरित की जाएगी, ताकि वे आगामी रबी सीजन के लिए खेती की तैयारी कर सकें।
हालांकि, विपक्षी दलों ने इस राहत पैकेज को अपर्याप्त बताते हुए किसानों के लिए ‘मजाक’ करार दिया है। कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा के नेता महायुति सरकार पर हमलावर हैं। विपक्ष का कहना है कि घोषित राशि किसानों को वास्तविक नुकसान से उबारने में सक्षम नहीं होगी।
कृषि क्षेत्र के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने भी इस मदद पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को केवल घोषणाएं करने के बजाय जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को मुआवजा और पुनर्वास दोनों स्तरों पर ठोस मदद की जरूरत है, ताकि वे आगामी फसल सीजन के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। पवार ने अपील की कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता और वास्तविक नुकसान के आधार पर राहत राशि बढ़ाने की व्यवस्था करे।











