नागपुर। महानगरपालिका का वित्तीय वर्ष 2026-27 का 5,840.65 करोड़ रुपये का बजट शुक्रवार को आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर द्वारा स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 402 करोड़ रुपये अधिक है और इसमें बुनियादी ढांचे, सड़कों, जल आपूर्ति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर विशेष जोर दिया गया है। महानगरपालिका की आय के चार मुख्य स्रोत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), संपत्ति कर, निर्माण शुल्क और जल शुल्क हैं, साथ ही सरकारी अनुदान भी। मनपा चुनाव के बाद आयुक्त ने पहली बार बजट प्रस्तुत किया है। यह बजट विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि पिछले चार वर्षों से नगर प्रशासक का शासन चल रहा था। इस बजट में नई बड़ी परियोजनाओं की घोषणा किए बिना चल रही परियोजनाओं को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रशासन 24×7 जल आपूर्ति योजना, अमृत योजना, नाग नदी और पोहरा नदी परियोजनाओं जैसी योजनाओं में तेजी लाने पर जोर दे रहा है।
पिछले वित्तीय वर्ष का प्रारंभिक शेष (Opening Balance) लगभग 315.99 करोड़ रुपये दिखाया गया है। इसके साथ ही, 5,857 करोड़ 30 लाख रुपये की कुल आय का अनुमान लगाया गया है। वहीं, 5,840.65 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव है। राजस्व आय में से, 3,889.48 करोड़ रुपये नगरपालिका के अपने स्रोतों से और 1,651.83 करोड़ रुपये सरकारी अनुदान से अपेक्षित हैं।
नगर निगम नाग नदी परियोजना में अपना योगदान देना चाहता है। इसके लिए बजट में 200 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, शहर में विभिन्न विषयों पर आधारित 75 पार्क और मैदान विकसित किए जाएंगे। आयुक्त ने बजट में किसी भी प्रकार की कर वृद्धि का प्रस्ताव नहीं रखा है। हालांकि, प्रशासन ने संपत्ति कर में 10 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव स्थायी समिति के अनुमोदन के लिए भेजा है। अतः, कर बढ़ाने या न बढ़ाने का अंतिम निर्णय अब स्थायी समिति ही लेगी।











