आत्महत्या या हत्या? निष्पक्ष जांच की मांग
नागपुर के वाठोडा क्षेत्र में युवक सागर बंडूजी शरणागत की मौत का मामला लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। जहां प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या माना जा रहा था, वहीं अब मृतक के परिजनों ने इसे हत्या करार देते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, सागर अपनी पत्नी के व्यवहार को लेकर लंबे समय से मानसिक तनाव में था। उनका आरोप है कि सागर की पत्नी को अज्ञात नंबरों से लगातार फोन कॉल आते थे, जिसको लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ता गया। जब सागर ने इस विषय में अपनी पत्नी से पूछताछ की, तो दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं।
परिजनों का कहना है कि कुछ दिन बाद सागर इस पूरे मामले को सुलझाने के उद्देश्य से अपनी ससुराल गया था। वहां उसने अपने ससुर को पूरी स्थिति बताई, लेकिन आरोप है कि ससुर ने सागर के साथ मारपीट की। इसके बाद पत्नी द्वारा तलाक की मांग रखे जाने से सागर और अधिक टूट गया।
परिवार का दावा है कि सागर अपनी पत्नी से बेहद प्रेम करता था और इसी भावनात्मक तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। परिजनों ने बताया कि सागर द्वारा छोड़ी गई सुसाइड नोट में पत्नी और ससुर द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार, मारहाण और घर से निकाले जाने का उल्लेख है।
अब मृतक के परिवार का कहना है कि यह केवल आत्महत्या नहीं बल्कि गंभीर उत्पीड़न का परिणाम है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषी पाए जाने वालों को सख्त सजा देने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।












