मुंबई। 2027 में सिंहस्थ कुंभ मेला नासिक त्र्यंबकेश्वर में आयोजित किया जा रहा है. इस कुंभ मेले के प्रतीक का अनावरण सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार सहित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया. कुंभ मेला प्राधिकरण की ओर से कुंभ मेले के लोगो के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. इस प्रतियोगिता में तीन हजार से अधिक प्रतियोगियों ने भाग लिया. इन प्रतियोगियों में से तीन उत्कृष्ट प्रतियोगियों को इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा सम्मानित किया गया. प्रथम स्थान जीतने वाले पुणे के सुमित केट को 3 लाख रुपये का चेक और एक पट्टिका, दूसरा स्थान जीतने वाले नोएडा के मयंक नायक को 2 लाख रुपये का चेक और एक पट्टिका और तीसरा स्थान जीतने वाले पंढरपुर के पीयूष पिंपळनेरकर को 1 लाख रुपये का चेक और एक पट्टिका से सम्मानित किया गया.
प्रविष्टियों का मूल्यांकन प्रसून जोशी, अश्विनी देशपांडे, मंदार राणे, वृषाली केकाने (देशमुख), बारिष दाते, विनय नारंग, डॉ. प्राजक्ता बस्ते, प्रफुल्ल सावंत, डॉ. दिनेश वैद्य, एंथोनी लोपेज और डॉ. किरण शिंदे जैसे प्रतिष्ठित डिजाइन विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा किया गया था. चयन रचनात्मकता, नवीनता, ब्रांड स्थिरता और प्रस्तुति के मानदंडों पर आधारित था. इस समिति को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सम्मानित किया. प्राधिकरण आयुक्त शेखर सिंह ने परिचय के माध्यम से कुंभ मेले के आयोजन एवं लोगो प्रतियोगिता की जानकारी दी.
कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, उद्योग मंत्री उदय सामंत, लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, नासिक संभागीय आयुक्त प्रवीण गेदाम, कुंभ मेला प्राधिकरण आयुक्त शेखर सिंह सहित विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत उपस्थित थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री ने उपस्थित संतों का स्वागत किया. प्रतीक का चयन नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण, एमआईजीबी और एसोसिएशन ऑफ डिजाइनर्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक राष्ट्रव्यापी डिजाइन प्रतियोगिता से किया गया था. 20 नवंबर से 20 दिसंबर, 2025 तक MyGov प्लेटफॉर्म पर आयोजित प्रतियोगिता में 70 अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगियों सहित कुल 3,067 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं. भागीदारी के मामले में महाराष्ट्र राज्य सबसे आगे रहा, उसके बाद दिल्ली और तमिलनाडु रहे. इस प्रतियोगिता में 18 से 24 आयु वर्ग के युवाओं ने सबसे अधिक सक्रिय भागीदारी दिखाई.












