नई दिल्ली। विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा कराने जा रहा है। इस प्रस्ताव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है और पहले ही दिन लोकसभा में जोरदार हंगामे के संकेत मिल रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और कांग्रेस के सांसदों को लेकर कुछ गलत दावे भी किए। इसी वजह से कई विपक्षी दलों के नेताओं ने उन्हें हटाने का प्रस्ताव दिया है। नियमों के अनुसार, प्रस्ताव दिए जाने के बाद ओम बिरला ने खुद को कार्यवाही से अलग कर लिया है और कहा गया है कि प्रस्ताव पर फैसला होने के बाद ही वह फिर से सदन की कार्यवाही संभालेंगे।
हालांकि, संख्या बल के लिहाज से सरकार मजबूत स्थिति में है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास लोकसभा में बहुमत है, इसलिए माना जा रहा है कि यह प्रस्ताव पारित नहीं हो पाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ओम बिरला के समर्थन में सामने आए हैं और कहा है कि उन्होंने हमेशा संविधान और संसदीय लोकतंत्र की भावना के अनुसार काम किया है।
सत्र के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठने की संभावना है। अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर किए गए हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है और कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं। विपक्ष इस मामले में सरकार की विदेश नीति और रूस से तेल खरीद पर अमेरिका द्वारा दी गई छूट को लेकर सवाल उठा सकता है।












