मुंबई। विज्ञापन और संचार जगत के दिग्गज पीयूष पांडे का शुक्रवार तड़के 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पांडे ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा और यादगार विज्ञापनों के जरिए भारतीय विज्ञापन उद्योग में क्रांति लाई। वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2014 के चुनाव अभियान में ‘अबकी बार मोदी सरकार’ जैसे ऐतिहासिक कैंपेन के लिए भी जाने जाते थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने पांडे के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनकी रचनात्मक प्रतिभा हर किसी ने सराही और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल ने भी पांडे को भारतीय विज्ञापन जगत का महान और असाधारण व्यक्तित्व बताया। गोयल ने कहा कि पांडे की रचनात्मक सोच ने कहानी कहने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया।
जयपुर में जन्मे पांडे ने 1980 के दशक में ओगिल्वी एजेंसी से अपने करियर की शुरुआत की। उनके बनाए कई जिंगल्स और विज्ञापन आज भी लोगों के जेहन में ताज़ा हैं। उन्होंने ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ का गीत लिखा, जो भारत की विविधता और एकता का प्रतीक बन गया। इसके अलावा ‘फेविकोल’, ‘कैडबरी’, ‘एशियन पेंट्स’ और ‘वोडाफोन’ जैसे ब्रांड्स के लिए उनके विज्ञापन लोगों की यादों में अमिट हैं।
उनके परिवार में उनके भाई प्रसून पांडे, जो जाने-माने विज्ञापन और फिल्म निर्देशक हैं, और बहन इला अरुण, प्रसिद्ध गायिका और अभिनेत्री, शामिल हैं। पांडे लंबे समय तक ओगिल्वी में सलाहकार के रूप में जुड़े रहे, और उनके कार्य ने आने वाली पीढ़ियों के विज्ञापन पेशेवरों को प्रेरित किया।
पांडे पिछले एक महीने से मुंबई के HN रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में सांस संबंधी जटिलताओं के कारण इलाज में थे। उनकी बड़ी मूंछें और मुस्कान उनके व्यक्तित्व की पहचान रही।
पीयूष पांडे को उनके अद्वितीय योगदान के लिए 2016 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया। उनके निधन से विज्ञापन जगत और उनके प्रशंसक गहरे शोक में हैं।









