लोकवाहिनी, संवाददाता नागपुर। उपराजधानी की पुलिस विभाग पर इस समय अतिरिक्त कार्य का भार साफ दिखाई दे रहा है, जिससे पुलिस व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। नागपुर शहर में चोरी, ठगी, हत्या आम बात हो चुकी है। रात्रि के समय चोरों पर अंकुश लगाने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ। दिनों-दिन बढ़ती चोरी की घटनाओं से नागरिक पहले से ही त्रस्त हैं।
गुरुवार व शुक्रवार को शहर में अलग-अलग इलाकों में 3 हत्याएं घटित हुईं, जिससे पूरा शहर थर्रा गया। गिट्टीखदान (गिट्टीगांव) के ओयो होटल में प्रेमी-प्रेमिका के विवाद के चलते प्रेमी ने प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया। दूसरी घटना बेसा में एक नाबालिग ने युवक की हत्या कर दी, वहीं गिट्टीखदान में गुड्डू पांडे की हत्या कर दी गई। तीनों मामलों में पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री फडणवीस का शहर होने के बावजूद पुलिस प्रशासन क्राइम की घटनाओं पर रोक लगाने में असफल साबित हो रहा है। बताया जाता है कि पुलिस विभाग में कार्यरत अधिकतर कर्मचारी व अधिकारी दिनभर व रात में निजी वसूली अभियान में व्यस्त रहते हैं। रात के समय शहर में अधिकतर बार, वाइन शॉप देर रात तक खुले रहते हैं, इसका फायदा उठाकर पुलिस कर्मचारी खुद की जेब गर्म करने में व्यस्त रहते हैं।












