लोकवाहिनी, संवाददाता नई दिल्ली। नितिन नवीन को मंगलवार को औपचारिक रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। उन्होंने जे.पी. नड्डा का स्थान लिया और पार्टी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत की, क्योंकि पार्टी देश की राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। भाजपा चीफ की कमान संभालने के बाद नितिन नवीन ने पहली बार पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक कई बड़े संकेत दिए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने अपने पहले भाषण में कहा, “हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है।”
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, बंगाल, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाले हैं और वहां की डेमोग्राफी की चर्चा हो रही है कि किस प्रकार वहां डेमोग्राफी बदल रही है। यह हमारे लिए चुनौती है लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा का कार्यकर्ता अपने संगठन और परिश्रम के बल पर इन पांचों राज्यों में सशक्त भाजपा का नेतृत्व प्रदान करेगा।
सुर्खियों से दूर रहने वाले नवीन ने 14 दिसंबर को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद बिहार सरकार में कानून और न्याय, शहरी विकास और आवास मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। के. लक्ष्मण (चुनाव अधिकारी) ने चुनाव के नतीजों की घोषणा करते हुए कहा, यह चुनाव दर्शाता है कि भाजपा में नेतृत्व वंशवादी विशेषाधिकार से नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत और समर्पण से उभरता है।
भाजपा के नए निर्वाचित अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘भारत माता की जय’ और भाजपा के नारों के साथ की। उन्होंने कहा, “मैं आज इस अवसर पर पार्टी के पूर्व के राष्ट्रीय अध्यक्षों का स्मरण करता हूँ और यहाँ मौजूद पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिनंदन करता हूँ। 2006 में जब मैं पहली बार विधायक बना, तब से मैं देख रहा हूँ कि राजनाथ सिंह ने किस प्रकार हर कार्यकर्ता से जुड़ने का प्रयास किया। नितिन गडकरी ने संगठन के हर मोर्चे को गढ़ने का काम किया।”












