लोकवाहिनी, संवाददाता:गढ़चिरौली। सेना को कई सालों से चकमा दे रहे नक्सली आंदोलन के सुप्रीम कमांडर और नक्सली संगठन के जनरल सेक्रेटरी देवजी उर्फ थप्पारी तिरुपति ने अंततः हथियार डाल दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, देवजी ने अपने कट्टर सहयोगी और सेंट्रल कमेटी सदस्य मल्लेश्वरी रेड्डी उर्फ सुगुणा समेत 16 अन्य नक्सलियों के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
देवजी पर 1.5 करोड़ और सुगुणा पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इस सरेंडर के साथ ही देश में नक्सली आंदोलन की रीढ़ पूरी तरह टूट गई है। 64 वर्षीय देवजी को नक्सलवाद का सबसे बड़ा रणनीतिकार माना जाता है। वह छत्तीसगढ़ के उस वीभत्स दंतेवाड़ा हमले का मुख्य सूत्रधार था, जिसमें 76 जवान शहीद हुए थे। मई 2025 में बसवराज की मौत के बाद देवजी ने संगठन की कमान संभाली थी।
तेलंगाना के जगतियाल से ताल्लुक रखने वाले देवजी ने 1983 में ‘पीपल्स वॉर ग्रुप’ से अपना सफर शुरू किया था और गोवा से केरल तक नक्सलवाद को फैलाने में अहम भूमिका निभाई थी।











