पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को घोषणा की कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में पूरे देश में 1 से 15 नवंबर तक ‘भारत पर्व 2025’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर देशभर में एकता, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।
शाह ने बताया कि अब से हर साल 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर (Statue of Unity) में भव्य राष्ट्रीय एकता परेड आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन गणतंत्र दिवस परेड की तरह भव्य और प्रेरणादायक होगा, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह 7:55 बजे ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर पुष्पांजलि अर्पित कर परेड की शुरुआत करेंगे। इस दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्यों की पुलिस टुकड़ियों की भव्य परेड निकाली जाएगी, साथ ही देश की विविधता को दर्शाने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा।
अमित शाह ने कहा कि इस बार का आयोजन इसलिए भी विशेष है क्योंकि देश ‘लौह पुरुष’ सरदार पटेल की 150वीं जयंती मना रहा है। उन्होंने कहा, “पटेल ने स्वतंत्र भारत की एकता की नींव रखी। उन्होंने 562 रियासतों को एक भारत में जोड़ा, इसलिए आज हम गर्व से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का नारा लगा पाते हैं।”
गृह मंत्री ने बताया कि 15 नवंबर को आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर भी ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर विशेष आयोजन होगा, जिसमें भारत की जनजातीय संस्कृति, लोककला और भोजन परंपरा को प्रदर्शित किया जाएगा।
अमित शाह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने सरदार पटेल को 41 साल तक भारत रत्न नहीं दिया, जबकि उन्होंने महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता संग्राम की रीढ़ को मजबूत किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस चाहती थी कि देश सरदार पटेल को भूल जाए, जबकि NDA सरकार ने उनकी याद में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ जैसी ऐतिहासिक प्रतिमा बनाई, जो इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण है।”
उन्होंने बताया कि अब तक 2.5 करोड़ से अधिक लोग ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ देखने आ चुके हैं और हर साल 15,000 से ज्यादा पर्यटक यहां आते हैं। शाह ने कहा, “इस प्रतिमा के निर्माण के लिए किसानों से लोहा एकत्र किया गया, क्योंकि सरदार पटेल का जीवन पूरी तरह किसानों को समर्पित था।”
शाह ने यह भी बताया कि देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी सरदार पटेल के योगदान और उनके आदर्शों को समझ सके।











