सायबर अपराधियों से बचने के लिए नागरिकों को जागरूक कर रही पुलिस
नागपुर पुलिस द्वारा नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट नामक साइबर ठगी से बचाने के लिए विशेष जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इस संबंध में नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंघल ने नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया भारत के कानून में मौजूद नहीं है। साइबर अपराधी लोगों को वीडियो कॉल कर स्वयं को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर डराते हैं और उनसे पैसे ठगते हैं। कई बार लोग डर या लालच के कारण इन जालसाजों के झांसे में आ जाते हैं।
नागपुर पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को अनजान नंबर से वीडियो कॉल आता है और उसे किसी अपराध में फंसाने या गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है, तो तुरंत कॉल काट दें और इंटरनेट बंद कर दें। साथ ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि केवल परिचित व्यक्तियों के वीडियो कॉल ही स्वीकार किए जाने चाहिए। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे जागरूक रहें और दूसरों को भी इस प्रकार की साइबर ठगी के प्रति सचेत करें।
इस अभियान के माध्यम से पुलिस लोगों में आत्मविश्वास और सतर्कता बढ़ाने का प्रयास कर रही है।












