भव्य पालखी यात्रा से गूंज उठा दिघोरी क्षेत्र
महाआरती और महाप्रसाद के साथ हुआ भव्य समापन
दिघोरी प्रभाग में 14 से 16 फरवरी तक अंबानगर, साईबाबानगर, आराधनानगर, सिद्धेश्वर नगर और गोविंदप्रभुनगर के संयुक्त तत्वावधान में श्री संत गजानन महाराज प्रकट महोत्सव अत्यंत भव्य और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। तीन दिनों तक पूरा क्षेत्र “जय गजानन” के जयघोष से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला।
14 फरवरी को सुबह 8 बजे कलश स्थापना एवं महाराज की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके पश्चात 21 दंपत्तियों द्वारा पांच ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। शाम को दीपोत्सव, ज्ञानेश्वरी ओवी पाठ, सामूहिक हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।
15 फरवरी को सुबह 9 बजे भव्य पालखी यात्रा निकाली गई, जो पांचों नगरों से होकर गुजरी। रथ, घोड़े, ढोल-ताशा दल, वारकरी मंडल, लेझीम पथक और आकर्षक झांकियों ने शोभायात्रा को विशेष आकर्षण प्रदान किया। पुरुष सेवाधारी सफेद वेशभूषा में तथा महिलाएं पारंपरिक दक्षिण भारतीय परिधान में नजर आईं। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम में मराठी महीनों और त्योहारों पर आधारित प्रस्तुतियां दी गईं तथा वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया।
16 फरवरी को विजयग्रंथ पारायण, हरिपाठ और गोपालकाला का आयोजन हुआ। शाम को मूल चरण पादुकाओं के आगमन से भक्त भावविभोर हो उठे। महाआरती और महाप्रसाद के साथ महोत्सव का समापन हुआ। पूरे आयोजन में अनुशासन, भक्ति और समर्पण की अनूठी झलक देखने को मिली।











