क्रॉस वोटिंग और अंदरुनी असंतोष की चर्चाओं से बढ़ी हलचल
लोकवाहिनी, संवाददाता
भंडारा। भंडारा-गोंदिया विधान परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी समर्थित महायुति उम्मीदवार अविनाश ब्राह्मणकर ने 302 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। हालांकि चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक गलियारों में जीत से अधिक चर्चा कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार नरेश ईश्वरकर को मिले 154 मतों और महायुति के भीतर कथित असंतोष को लेकर हो रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम केवल एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि महायुति के भीतर मौजूद नाराजगी और स्थानीय स्तर पर चल रहे राजनीतिक मतभेदों का संकेत भी हो सकता है। भाजपा ने चुनाव से पहले अपने अधिकृत मतदाताओं को व्हिप जारी कर पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को अपेक्षा से अधिक मत मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। चुनावी गणित के अनुसार महाविकास आघाड़ी और कांग्रेस के उपलब्ध संख्याबल की तुलना में नरेश ईश्वरकर को मिले 154 मतों ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि कुछ मतदाताओं ने पार्टी लाइन से अलग जाकर मतदान किया, जिसे महायुति के भीतर असंतोष का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सत्ता, संगठन और संसाधनों की मजबूती के बावजूद कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा अलग रुख अपनाना महायुति नेतृत्व के लिए चिंतन का विषय बन सकता है। वहीं कांग्रेस इस परिणाम को नैतिक जीत के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नानाभाऊ पटोले, सांसद डॉ. प्रशांत पडोले, पूर्व विधायक दिलीप बन्सोड और पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल द्वारा मतदाताओं के बीच चलाए गए संपर्क अभियान का प्रभाव चुनाव परिणाम में दिखाई दिया है। उनका कहना है कि सीमित संख्याबल के बावजूद मतदाताओं तक पहुंच बनाकर उन्होंने अपेक्षा से अधिक समर्थन प्राप्त किया। परिणाम घोषित होने के बाद सांसद डॉ. प्रशांत पडोले ने कहा कि सत्ता, प्रशासनिक प्रभाव और संसाधनों के बावजूद कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को 154 मत मिलना जनप्रतिनिधियों के मन में मौजूद असंतोष को दर्शाता है। उनके अनुसार कई मतदाताओं ने मतपेटी के माध्यम से अपनी भावना व्यक्त की है। भंडारा-गोंदिया विधान परिषद चुनाव का यह परिणाम अब केवल जीत और हार तक सीमित नहीं रह गया है। अविनाश ब्राह्मणकर की जीत जहां भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है, वहीं कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को मिले 154 मत और कथित क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं आने वाले समय में क्षेत्र की राजनीति को नई दिशा दे सकती हैं। आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस परिणाम को बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत माना जा रहा है।










