भारत ने नागरिकों को दिया ईरान छोड़ने का आदेश
तेल अवीव/तेहरान
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक ऑयल टैंकर में आग लगने के बाद उस पर सवार सभी 24 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. यह जानकारी भारतीय अधिकारियों ने दी है. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग के अनुसार, यह घटना तब हुई जब टैंकर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास के पानी में चल रहा था. इस इलाके में हाल के महीनों में कई जहाजों पर हमले हुए हैं. माना जा रहा है कि यह हमला अमेरिकी नौसेना ने किया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. अधिकारियों ने बताया कि जहाज पर आग लगने की सूचना मिलने के बाद एहतियात के तौर पर क्रू को बाहर निकाला गया. भारतीय नाविकों में से किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है. डीजीएस ने पुष्टि की कि सभी 24 क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और उन्हें जरूरी मदद दी जा रही है. अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और संबंधित समुद्री अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं. हालात को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द वहां से निकलने की सलाह दी है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर भारतीयों की मदद के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
अब इजरायल पर हमले नहीं : ईरान
इस बीच ईरान ने घोषणा की है कि उसने फिलहाल इजरायल के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई रोक दी है. हालांकि उसने चेतावनी दी कि अगर इजरायल ने फिर से लेबनान या अन्य जगहों पर हमला किया तो उसे पहले से ज्यादा सख्त जवाब दिया जाएगा. दूसरी ओर अमेरिका युद्धविराम और शांति समझौते की कोशिशों में जुटा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया है कि इजरायल और ईरान दोनों संघर्ष रोकना चाहते हैं और अंतिम समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है. उन्होंने यह भी कहा कि समझौता होने तक ईरान पर लगी नाकाबंदी जारी रहेगी.
पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध का खतरा
इजरायल और ईरान ने सोमवार तड़के एक-दूसरे पर जवाबी हमले किए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध छिड़ने का खतरा मंडराने लगा. वहीं, यमन के हूति विद्रोहियों ने भी यरुशलम पर हमला किया और लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी, जिससे तनाव और बढ़ गया. इजरायल ने सोमवार तड़के तेहरान के सिलसिलेवार मिसाइल हमलों के जवाब में ईरान के मध्य और पश्चिमी हिस्सों को निशाना बनाया. पलटवार करते हुए ईरान ने फिर से इजरायल पर हमले किए. आठ अप्रैल को संघर्षविराम लागू होने के बाद यह दोनों देशों के बीच अब तक की सबसे गंभीर सैन्य झड़प है. वायु रक्षा प्रणाली द्वारा ईरान की मिसाइलों को नष्ट किए जाने के दौरान मध्य इजरायल में धमाकों की आवाजें सुनाई दी. ईरान के एक अधिकारी ने सोमवार को चेतावनी दी कि इजरायल की ओर से पश्चिम एशिया में अगर तनाव बढ़ाया जाता है तो इसके जो भी परिणाम होंगे, उनके लिए अमेरिका जिम्मेदार होगा. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बड़ाई ने सोमवार को तेहरान में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, कोई भी इस पर विश्वास नहीं करता कि इजरायली शासन अमेरिका के समन्वय के बिना कोई कार्रवाई करेगा.












