वोट लूट पर प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखेंगे: ‘इंडिया’ गठबंधन
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने चिकित्सा पाठ्यक्रम प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के मुद्दों को लेकर सोमवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की और कहा कि “वोट लूट” के विषय पर वे जल्द ही प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखेंगे. विपक्षी गठबंधन ने यह भी कहा कि सरकार को गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों तथा जनसरोकारों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए. इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) ने यह सहमति भी जताई कि उसके नेता हर दो महीने पर बैठक करेंगे और अगली बैठक हैदराबाद में होगी. बैठक के बाद खड़गे ने संवाददाताओं से कहा, इंडिया गठबंधन ने पांच बिंदुओं पर सहमति जताई है.
यह सहमति बनी कि वोट लूट, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूची में हेरफेर तथा चुनावों की निष्पक्षता पर उठे गंभीर प्रश्नों के संबंध में भारत के माननीय प्रधान न्यायाधीश को एक पत्र भेजा जाएगा. यह पत्र शीघ्र ही उन्हें सौंपा जाएगा. उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों को प्रभावित करने वाले अनेक गंभीर मुद्दों की स्थिति को देखते हुए, सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की जाए, क्योंकि उनके कार्यकाल में नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में शामिल लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात हुआ है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, वर्तमान गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों तथा जनसरोकार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार को तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए.
खड़गे ने कहा, मानसून सत्र के दौरान संसदीय समन्वय जारी रहेगा और प्रतिदिन प्रातःकाल माननीय नेता प्रतिपक्ष (मल्लिकाअर्जुन खड़गे) के कार्यालय में समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी. इंडिया के घटक दलों की बैठक सोमवार को यहां हुई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुकाबला करने और एकजुट होकर आगे बढ़ने की रणनीति पर चर्चा की गई. राष्ट्रीय राजधानी के ‘कॉन्स्टीट्यूशन क्लब’ में हुई इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) की सुप्रिया सुले समेत 23 दलों के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया.













