लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। भारतीय जल संसाधन संस्थान, नागपुर केंद्र और लोकवाहिनी समूह द्वारा हर साल 16 से 22 मार्च तक जल जागरूकता सप्ताह मनाया जाता है। इस अवसर पर विदर्भ के कई सरकारी, गैर-सरकारी संगठन, स्कूल, कॉलेज, वरिष्ठ नागरिक मंडल और स्वयंसेवी संगठन पानी का संयम से उपयोग करने, पानी बचाने, पानी की बर्बादी रोकने और पानी का दुरुपयोग न करने की शपथ लेते हैं। हर साल 1 से 3 लाख विद्यार्थी और नागरिक जल प्रतिज्ञा लेते हैं।
इस वर्ष स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ लगभग 3 लाख नागरिक इस पहल में प्रतिज्ञा लेंगे। इस संबंध में ‘जल संदेश’ पुस्तक का आज मुंबई में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नावरेकर द्वारा विधानसभा स्थित अपने कक्ष में विमोचन किया गया तथा जल जागरूकता सप्ताह का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर भारतीय जल संसाधन संस्थान के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण महाजन और विशाल परब उपस्थित थे।
भारतीय जल संसाधन संस्थान और लोकवाहिनी की संयुक्त पहल की विधानसभा अध्यक्ष राहुल नावरेकर ने सराहना की। जल संकट के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर आज पानी बर्बाद किया गया तो कल प्यास से जान जाएगी, इसलिए सभी को पानी का बुद्धिमानी से उपयोग करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जनता को प्राकृतिक जलधाराओं, जलाशयों, नहरों और जल आपूर्ति अवसंरचना (infrastructure) की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने जनता से जल प्रतिज्ञा अभियान में सक्रिय भाग लेने और जल संसाधनों के महत्व को लोगों तक पहुँचाने तथा नई पीढ़ी के लिए एक उदाहरण स्थापित करने की अपील की।
इस अवसर पर डॉ. प्रवीण महाजन ने बताया कि पेंटिंग, निबंध प्रतियोगिता, जल शपथ सेल्फी प्रतियोगिता के साथ-साथ संगठन द्वारा जल जागरूकता सप्ताह के अवसर पर 20 मार्च को नागपुर में एक ‘जल दौड़’ (Water Run) का भी आयोजन किया गया है।









