नागपुर। शहर में कई जगहों पर अतिक्रमण हो चुका है। अधिकांश सड़कों पर व्यापक अतिक्रमण है। फुटपाथों पर दुकानें बनी हुई हैं। पैदल चलने वालों के लिए चलने की जगह नहीं बची है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार, 29 मार्च को मनपा (NMC) और नासुप्र (NIT) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सभी पर तत्काल कार्रवाई करें और नागपुर को अतिक्रमण के अभिशाप से मुक्त करें तथा आठ दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और परियोजनाओं की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की गई थी।
इस अवसर पर पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, महापौर नंदा जिचकार, राज्यसभा सदस्य माया इवनाते, विधायक कृष्णा खोपड़े, उप महापौर दीपराज पार्डीकर, स्थायी समिति अध्यक्ष विकी कुकरेजा, सत्ताधारी दल के नेता संदीप जोशी, नगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी, पूर्व विधायक डॉ. मिलिंद माने आदि उपस्थित थे।
‘नागपुर शहर में अतिक्रमणग्रस्त क्षेत्रों का सर्वेक्षण कराएं। पता लगाएं कि इन क्षेत्रों का पट्टा किसके पास है, इन पर किसका कब्जा है और इनका आरक्षण क्या है। नागपुर नगर निगम और नागपुर सुधार प्रन्यास को यह कार्य करना होगा। लेकिन नगर निगम और नागपुर सुधार प्रन्यास के सर्वेक्षण की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों के माध्यम से एक स्वतंत्र सर्वेक्षण कराएं,’ श्री गडकरी ने नगर आयुक्त को निर्देश देते हुए कहा। इस सर्वेक्षण के बाद, यह जानकारी उपलब्ध होगी कि कौन से क्षेत्र खेल के मैदानों या पार्कों के लिए आरक्षित हैं। गडकरी ने यह भी कहा कि मैदानों और पार्कों का विकास तदनुसार किया जाना चाहिए।








