लोकवाहिनी, संवाददाता:विशाखापतनम। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि ऊर्जा आपूर्ति समेत देश का 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्ग से होता है और ऐसे में उभरते समुद्री खतरों के बीच वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा में भारतीय नौसेना की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं कमीशन किए जाने से पहले रक्षा मंत्री ने अपने ‘एक्स’ (X) हैंडल पर लिखा— ‘शब्द नहीं शक्ति है, अरिदमन।’ यहाँ आईएनएस तारागिरी को औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल करने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर में लगातार अपनी उपस्थिति बनाए रखती है, चाहे वह फारस की खाड़ी हो या मलक्का जलसंधि। उन्होंने कहा कि आईएनएस तारागिरी के शामिल होने से नौसेना की शक्ति, मूल्यों और प्रतिबद्धता में वृद्धि होगी।
‘प्रोजेक्ट 17ए’ के तहत निर्मित आईएनएस तारागिरी चौथा पोत है जिसका वजन 6,670 टन है। इसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है। यह अन्य हथियारों के साथ-साथ ब्रह्मोस मिसाइल से भी लैस है। इस युद्धपोत की बनावट अधिक पतली है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार (Radar Cross Section) बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।
सिंह ने संकट के समय में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए नौसेना की सराहना की। उन्होंने कहा, “जब भी कोई संकट आता है, चाहे वह निकासी अभियान हो या मानवीय सहायता प्रदान करना, हमारी नौसेना हमेशा सबसे आगे रहती है। मुझे लगता है कि हमारी नौसेना भारत के मूल्यों और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मेरा मानना है कि आईएनएस तारागिरी के शामिल होने से हमारी नौसेना की शक्ति, मूल्य और प्रतिबद्धता में वृद्धि होगी।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के लिए एक मजबूत और सक्षम नौसेना कोई विकल्प नहीं बल्कि एक आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “समुद्र में कई संवेदनशील स्थान हैं जहाँ हमारी नौसेना ने माल की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय उपस्थिति बनाए रखी है। जब भी वहाँ तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है, भारतीय नौसेना ने हमारे वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।”








