लेखकों ने साझा कीं अपनी पहली किताब के सफर की यादें
लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। रविवार को स्वयंसेवी संस्था ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड राइटर्स एसोसिएशन की ओर से संतरा नगरी में ‘मेरी पहली किताब’ नामक एक अनूठा आयोजन किया गया, जिसमें एक दर्जन से अधिक स्थानीय रचनाकारों ने अपनी पहली किताब की संकल्पना, प्रकाशन और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर जिन रचनाकारों की पुस्तक वर्ष 2025 में प्रकाशित हुई है, उन्हें वर्ष 2026 के बिरवा सम्मान से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बिरवा सम्मान 2026 से सम्मानित लेखकों ने भी अपने अनुभव बांटे, इन पुस्तकों में भूषण विजय सहस्रबुद्धे की ‘उद्योग कसा करावा’ (शिक्षा ट्रेनिंग), डॉ. कल्पेश उपाध्याय की ‘आयुर्वेद के आचार्य’ (जीवनी/ज्ञान परंपरा), मतीन खान की ‘मैदान ए इश्क’ (संस्मरण), नीरज श्रीवास्तव की ‘भारतीय ज्ञान परंपरा पत्रकारिता एवं जनसंपर्क’ (मीडिया व पीआर पर लेख संग्रह), संजय अग्रवाल की ‘365’ (मोटिवेशनल/सेल्फ हेल्प), श्वेताली ठाकरे की ‘हाउ इंडिया विल सरपास द डॉलर 30 ट्रिलियन इकोनॉमी’ (आर्थिक विचार), यतीन्द्र नाडकर्णी की ‘बियॉन्ड डिग्रीज’ (सेल्फ हेल्प) आदि पुस्तकों का समावेश है।
कार्यक्रम के अंतर्गत सुरेश गंगाखेडकर (कविता संग्रह ‘वेदनेला पंख शब्दांचे’), राजेन्द्र चांदोरकर (उपन्यास ‘इनसाइड क्रुसेबल’), डॉ. प्रवीण नीलकंठराव डबली (व्यंग्य संग्रह ‘पोस्टमार्टम’), डॉ. विनोद आसुदानी एवं डॉ. राजेश आसुदानी (साझा गजल संग्रह ‘अधूरा आसमान’), रोमा दीवान चड्ढा (कविता संग्रह ‘डैडी’), शगुफ्ता यास्मीन काजी (कहानी संग्रह ‘रिश्तों की सौगात’), मेघा मनोज अग्रवाल (कविता संग्रह ‘सुनहरे पत्ते’), मधु पटोदिया (कहानी संग्रह ‘नीम चौरा’) आदि रचनाकारों ने अपनी पहली पुस्तक से जुड़ी यादें साझा कीं।
स्थानीय साहित्यप्रेमियों, बुद्धिजीवियों व अनेक गणमान्य नागरिकों ने इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन का आनंद लिया। कार्यक्रम में सीए रवीन्द्र गनेड़ीवाला, चंद्रशेखर गलमल्लिकर, प्रेमप्रकाश दुबे, आर.एन. मिश्रा, मुन्ना महाजन, अनिल केडिया, संजय अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, दीपक गवई, नागेश फरकाड़े, समीर गंगाखेडकर, अनंग कावले, अजय त्रिपाठी, ज्योति त्रिपाठी, अजिंक्य ठाकरे, दीपक गवई, प्रकाश माहुले, सत्येन्द्र प्रताप सिंह, एल.टी. मूलचंदानी आदि की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। परिचय जीजेडब्ल्यूए के अध्यक्ष डॉ. संदीप अग्रवाल ने दिया। संचालन साक्षी पेंढेकर और सौरभ सिंह ने, धन्यवाद संस्था के कार्यकारी सचिव सूरज तेलंग ने दिया।








