तीन माह में दूसरी बार सिलेंडर महंगा होने पर विपक्ष ने केंद्र को घेरा
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका संघर्ष का असर सभी दों पर पड़ रहा है। अब भारत में भी इस का भारी प्रभाव दिखने लगा है। पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से भारत में एक बार फिर से घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए। भारत सरकार ने रविवार (7 जून, 2026) को घरेलू सिलेंडर के दामों में 29 रुपये प्रति सिलेंडर का इजाफा किया है, जिसका बोझ सीधे तौर पर देश की आम जनता की जेब को व्यापक रूप से प्रभावित कर रहा है। 28 फरवरी, 2026 से अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई जंग के बाद से यह दूसरी बार है जब सरकार ने घरेलू सिलेंडरों के दाम बढ़ाए हैं। इससे पहले मार्च महीने में सरकार ने घरेलू सिलेंडरों के कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की थी। वहीं, सिलेंडर के बढ़ाए गए दामों को लेकर विपक्ष इसकी आलोचना करते हुए सरकार को घेर रही है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने सिलेंडर के दाम बढ़ाए जाने से देश के नागरिकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिलेंडर के दामों में वृद्धि को लेकर एक पोस्ट शेयर किया है। पोस्ट में यह बताया गया है कि कैसे तीन महीनों में घरेलू सिलेंडरों के दामों में कुल 89 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पोस्ट में दो सिलेंडरों की तस्वीरें हैं, जिसमें से एक पर 7 मार्च, 2026 को हुई 60 रुपये की वृद्धि लिखी है, जबकि दूसरे पर आज रविवार (7 जून, 2026) को हुई 29 रुपये की वृद्धि लिखी है। वहीं, पोस्ट के कैप्शन में कांग्रेस ने सरकार ने निशाना साधते हुए वसूली सरकार लिखा है। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिलेंडर के दाम बढ़ने पर सरकार पर सवाल उठाए हैं। खरगे ने एक्स पोस्ट में कहा, घरेलू एलपीजी सिलेंडरों दामों में आग की लपटें आम जनता की रसोई को भस्म करने पर तुली हुई है!! मोदी सरकार ने पिछले 4 महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में 89 रुपये की बढ़ोतरी की है। इसके साथ पोस्ट में एक तस्वीर साझा कर लिखा, भाजपा लागू महंगाई की लपटें, एलपीजी की आग से धुआं हुआ घरेलू बजट। उन्होंने कहा कि हमारे तीन सवाल हैं। पहला सवाल – संसद में मोदी जी ने लंबी-चौड़े दावे किए थे कि वे पश्चिम एशिया युद्ध के चलते 41 देशों से फ्यूल डायवर्सिफिकेशन कर रहे हैं।












