(रविकांत तिवारी)अशोक खरात मामले के खुलासे से राज्य में राजनीति गर्मा गई है। जैसे- जैसे जांच आगे बढ़ रही है। कई नये-नये खुलासे हो रहे है। यह विकृत व्यक्ति ने कई महिलाओं के साथ गंदी हरकत की है। वहीं जांच में पुलिस को 100 से अधिक अश्लील वीडियों भी बरामद हुए है। ढोंगी बाबा का बड़ी लंबी पहुंच थी। मंत्रियों से लेकर बाबा के पास आईएएस, आईपीएस और कई व्हाइट कॉलर लोग अपना भविष्य देखने आते थे। अशोक खरात का यह गंदा काम कई दिनों से फल-फूल रहा था। इस मामले में अब कई नेताओं के नाम भी सामने आ रहे जो ढोंगी बाबा से मिलने और भविष्य जाने के लिए जाते थे। सबसे पहले एनसीपी नेता रूपाली चाकनकर को महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष पद और एनसीपी महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा। वहीं एसआईटी ने भी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है। रूपाली चाकनकर के खिलाफ कई महिला नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है और तुरंत गिरफ्तार करने की मांग कर रही हैं।
रूपाली चाकनकर के परिवार का खरात के ट्रस्ट से धार्मिक संबंध है। वहीं चाकनकर ने कहा, मुझे उनके दूसरे पहलू के बारे में पता नहीं था। कोई कैसे जान सकता है कि कोई व्यक्ति भविष्य में क्या करेगा या कैसे व्यवहार करेगा? कई लोगों के पास खरात के साथ तस्वीरें हैं, लेकिन मुझे दुख होता है कि मुझे सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है और मुझ पर आरोप लगाए जा रहे हैं क्योंकि मैं एक महिला हूं। खरात और उनकी पत्नी को गुरु मानने की बात स्वीकार की, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि वायरल हुए वीडियो लगभग छह साल पुराने हैं। मेरे पति और मैं आध्यात्मिक आस्था के कारण ट्रस्ट के कार्यक्रमों में शामिल होते थे। उस समय हमें उसके व्यक्तिगत आचरण या भविष्य में होने वाले किसी भी गलत काम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। राज्य में मंत्रियों और नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच जानकारी सामने आई है कि बाबा के संपर्क में 39 नेता थे। अब इस मामले में यह देखना होगा की जांच किस-किस बड़े नेता तक पहुंचती है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री के बयान ने भी नेताओं को मुश्किल में डाल दिया है कि बाबा के संपर्क में रहने वाले सभी की जांच होगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं अब इस मामले में एक नया मोड़ आया है और सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने विधान परिषद की उपाध्यक्ष और शिवसेना (शिंदे समूह) की नेता नीलम गोर्हे पर गंभीर आरोप लगाए। अशोक खरात को नीलम गोर्हे कई सालों से जानती हैं। कोरोना से पहले उनकी मुलाकात खरात से हुई थी। इतना ही नहीं, खरात ने नीलम गोर्हे के भविष्य की भविष्यवाणी भी की थी। देसाई ने आरोप लगाया है कि गोर्हे विधायक पद के लिए खरात से मिली थीं। गोर्हे खरात की काली करतूतों से शायद अनजान थीं, लेकिन अब जब कई महिलाओं ने खरात के कुकर्मों का खुलासा कर दिया है, तो उन्होंने खरात के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई? उन्होंने अपनी मुलाकात के बारे में जानकारी क्यों नहीं दी? फिलहाल अब इस मामले में यह देखना होगा कि खरात कांड में किस-किस की बारात निकलती है।
खरात ने ज्योतिषी और अंकशास्त्री बनने से कथित तौर पर पहले मर्चेंट नेवी में 22 साल तक काम किया। ज्योतिषीय परामर्श के माध्यम से धनी और प्रभावशाली ग्राहकों को आकर्षित किया और नासिक और महाराष्ट्र में एक मजबूत सार्वजनिक छवि बनाई। उस पर बलात्कार, यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल का आरोप है, जिसमें कथित तौर पर आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आड़ में महिलाओं को निशाना बनाया। खुद को कैप्टन कहने वाले सेवानिवृत्त मर्चेंट नेवी अधिकारी खरात पिछले हफ्ते उस समय सुर्खियों में आए जब उन्हें तीन साल से अधिक समय तक एक महिला का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। महिला का आरोप है कि खरात ने उसे बताया था कि उसके पति की जान को खतरा है। महिला ने बताया कि वह उसे अपने दफ्तर बुलाता था, नशीले पेय पदार्थ पिलाता था और उसका यौन शोषण करता था। कुछ दिनों बाद, एक और महिला ने खरात के खिलाफ नई शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने आरोप लगाया है कि वह गर्भवती थी और खरात ने एक अनुष्ठान के बहाने उस पर हमला किया। उसने अपनी शिकायत में कहा है कि खरात उसके पति को बाहर इंतजार करवाता था और अनुष्ठान करने के नाम पर उस पर हमला करता था। उसने यह भी आरोप लगाया है कि उसने उसे धमकी दी थी। जैसे-जैसे और अधिक महिलाएं खरात द्वारा दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के भयावह आरोप लगा रही हैं, जांचकर्ताओं ने यह पता लगाया है कि कैसे उसने भय और अंधविश्वास का इस्तेमाल करके सैकड़ों पीड़ितों का शोषण किया और एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया।
खरात के परिसर को इस तरह से बनाया गया था कि वहां एक तांत्रिक माहौल नजर आता था। वह वशीकरण जैसी सेवाएं प्रदान करता था और अपने ग्राहकों को उसके निर्देशों का पालन न करने पर भयानक परिणामों को भुगतने की धमकी भी देता था। इस दफ्तर में वह रिमोट-कंट्रोल से चलने वाले सांपों का इस्तेमाल करता था और पीड़ितों को यह विश्वास दिलाता था कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं। बाघ की खाल और अन्य वन्यजीवों से जुड़ी वस्तुएं भी इस प्रभाव को बढ़ाती थीं और पीड़ितों को अभिभूत कर देती थीं। उनमें से कुछ ने कहा है कि उन्हें अत्यधिक कीमतों पर जंगली इमली के बीज खरीदने के लिए धोखा दिया गया था, जिसमें खरात ने दावा किया था कि बीज पवित्र थे।
जांचकर्ताओं का कहना है कि ठग अपने शिकार की आर्थिक स्थिति का सावधानीपूर्वक आकलन करता था और लगभग 100 रुपये की वस्तुओं के लिए 10,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। वह अपने ग्राहकों को नकली रत्नों को यह कहकर खरीदने के लिए भी धोखा देता था कि उनमें दिव्य उपचार शक्तियां हैं। खरात पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों ने उसकी विलासितापूर्ण जीवनशैली को भी सुर्खियों में ला दिया है। कारोबार में तेजी आने के बाद से खरात लगभग 150 विदेश यात्राएं कर चुके हैं। परिवार के साथ दक्षिण कोरिया की उनकी हालिया यात्रा की तस्वीरें वायरल हो गई। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इन भव्य यात्राओं का खर्च जबरन वसूली और धोखाधड़ी से किए गए अनुष्ठानों के माध्यम से उठाया गया था। वहीं अब इस ढोंगी बाबा के कर्मकांड़ में आगे क्या-क्या खुलासे होते है। यह देखने वाली बात होगी।
52 संपत्तियों के दस्तावेज़ रखने का भी आरोप
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने ईशानेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की है, क्योंकि जांच में पता चला है कि खरात का संबंध मंदिर के ट्रस्ट से है। खरात नासिक के मीरगांव स्थित इस ट्रस्ट का संचालन करने वाले ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। स्वयंभू धर्मगुरु के पास एक फार्महाउस और एक बंगला है। कुछ शिकायतों में उन पर 52 संपत्तियों के दस्तावेज़ रखने का भी आरोप लगाया गया है। खरात नासिक के मीरगांव में स्थित मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट का अध्यक्ष हैं। उसके परिजनों से भी पूछताछ की है, क्योंकि जांच में पता चला है कि खरात का संबंध मंदिर के ट्रस्ट से है।











