लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा हर तरह से महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि राजग (NDA) सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण अधिनियम के साथ, भारत अधिक नारी-नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा ‘महिलाओं के विधायी नेतृत्व को बढ़ावा देना’ विषय पर एक समाचार पत्र में लिखे लेख पर की।
लेख में अन्नपूर्णा देवी ने रेखांकित किया है कि महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व मजबूत, अधिक समावेशी शासन और एक विकसित भारत की कुंजी है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट में कहा, प्रतिनिधित्व का वास्तविक प्रभाव में बदलना जरूरी है। सरकार ने हमेशा नारी शक्ति को हर रूप में प्राथमिकता दी है। इसलिए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम की नींव रखते हुए, भारत महिला नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। यह भी विकसित भारत का एक प्रमुख आधार है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है। इस अधिनियम को संसद ने 2023 में मंजूरी दी थी, जिसके जरिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। संविधान में संशोधन करके लाया गया यह कानून निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू होगा।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को संसद के बजट सत्र को तीन दिनों के लिए यानी 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा की, ताकि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन किया जा सके और इसे 2029 से लागू किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि यदि परिसीमन प्रक्रिया से पहले ही कानून लागू करने का प्रस्ताव वास्तव में साकार हो जाता है, तो संविधान में एक और संशोधन की आवश्यकता होगी।








