लोकवाहिनी, एजेंसी:इस्लामाबाद। पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति को लेकर चल रही बातचीत बेनतीजा रही। यह 21 घंटे से ज्यादा समय तक चली। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर पेंच फँसा है। ब्लिंकन अपनी टीम के साथ अमेरिका के लिए रवाना हो गए। लौटने से पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि अमेरिका बिना डील के लौट रहा है। यह अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समझौते के लिए जरूरी है कि ईरान यह वादा करे कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। अमेरिका की शर्त स्पष्ट थी, लेकिन ईरान ने उन्हें नहीं माना। ब्लिंकन ने यह भी कहा कि आगे समझौते की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “हम उन्हें फाइनल ऑफर देकर जा रहे हैं। अब देखना है कि ईरान इसे मानता है या नहीं।”
वहीं, ईरान ने कहा कि अमेरिका की शर्तें जरूरत से ज्यादा सख्त थीं। इस वजह से समझौते का रास्ता नहीं निकल पाया। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिकी नौसेना अब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की नाकाबंदी करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि जो भी जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे रोका जाएगा और जाँच की जाएगी। खास तौर पर उन जहाजों पर नजर रखी जाएगी, जिन्होंने ईरान को टोल दिया है। ट्रंप ने कहा कि जो जहाज ईरान को गैरकानूनी टोल देंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ता नहीं दिया जाएगा। इससे ईरान की आर्थिक ताकत कम की जाएगी।
अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। जरूरत पड़ने पर युद्ध खत्म करने के लिए कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने लिखा, “ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का वादा किया था, लेकिन जान-बूझकर अपना वादा पूरा नहीं किया।” ट्रंप ने आगे लिखा, “वे कहते हैं कि उन्होंने पानी में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं, जबकि उनकी पूरी नौसेना और उनके ज्यादातर बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाज पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। हो सकता है कि उन्होंने ऐसा किया हो, लेकिन कोई भी जहाज का मालिक ऐसा जोखिम क्यों उठाना चाहेगा।”
डोनाल्ड ट्रंप ने माना कि पाकिस्तान में लंबी बातचीत अच्छी रही और ज्यादातर बातों पर सहमति बन गई, लेकिन ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर झुकने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने पोस्ट में ईरान को चेतावनी देते हुए लिखा, “कोई भी ईरानी जो हम पर या शांतिपूर्ण जहाजों पर गोली चलाएगा, उसे तबाह कर दिया जाएगा।”








