होरमुज खुलेगा, जहाजों की आवाजाही शुरू होगी: अमेरिका नौसैनिक घेराबंदी हटाएगा
तेल अवीव, वॉशिंगटन डीसी, एजेंसी:ईरान-अमेरिका और इजराइल युद्ध को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, ईरानी सरकारी टीवी ने बताया कि अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का शुरुआती, अनौपचारिक मसौदा तैयार हो गया है। इस मसौदे के तहत ईरान एक महीने के अंदर हारमुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल शिपिंग को युद्ध से पहले स्तर पर बहाल करने को तैयार है, जिसमें अमेरिका-ईरान समझौते का ढांचा तैयार किया गया है। ड्राफ्ट के अनुसार अमेरिका ईरान के आसपास से अपनी सैन्य मौजूदगी हटाएगा और नौसैनिक घेराबंदी खत्म करेगा। इसके बदले ईरान 30 दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले के स्तर पर बहाल करेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह व्यवस्था अमेरिकी सैन्य जहाजों पर लागू नहीं होगी। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही का प्रबंधन ईरान और ओमान मिलकर करेंगे। ईरानी सरकारी मीडिया ने यह भी कहा कि समझौते का ड्राफ्ट अभी फाइनल नहीं है और बिना ठोस गारंटी के ईरान आगे नहीं बढ़ेगा। वहीं अमेरिका की तरफ से अभी तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मसौदे के अनुसार अमेरिका-ईरान के आसपास अपनी सैन्य टुकड़ियों को वापस ले लेगा और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म कर देगा। हालांकि यह प्रारंभिक समझौता सैन्य जहाजों को शामिल नहीं करता है। ईरानी मीडिया के मुताबिक अगर 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता हो जाता है तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रूप में अनुमोदित किया जा सकता है। यह एमओयू फरवरी में शुरू हुए ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद अप्रत्यक्ष वार्ताओं का नतीजा है।
सैन्य मौजूदगी हटाएगा अमेरिका
ईरान की मिजान न्यूज एजेंसी ने अमेरिका-ईरान संभावित शांति समझौते के ड्राफ्ट को लेकर नई जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ईरान के आसपास तैनात अपनी सैन्य ताकत हटाने पर सहमत हुआ है। हालांकि इसमें क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिक और सैन्य ठिकाने शामिल होंगे या नहीं, इस पर अभी बातचीत बाकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता हो जाता है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाध्यकारी प्रस्ताव के रूप में मंजूरी दी जाएगी। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट, हाईली एनरिच्ड यूरेनियम, प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज ईरानी संपत्तियों जैसे मुद्दों पर चर्चा चल रही है।













